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पॉक्सो एक्ट के प्रति संवेदनशीलता जरूरी : सीजेएम

Fri, 07 Jun 2024 04:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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झज्जर। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सचिव एवं सीजेएम अरविंद कुमार बंसल के मार्गदर्शन में एमडीडी ऑफ इंडिया संस्था के सहयोग से प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन लघु सचिवालय स्थित जिला एडीआर सेंटर में किया गया। वर्कशॉप में डॉ. राज सिंह सांगवान के द्वारा पोक्सो एक्ट को लेकर जानकारी प्रदान की गई है। इस दौरान जिला के पुलिस अधिकारियों के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। ्र
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उन्होंने कहा कि इस अधिनियम को लाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को यौन शोषण से बचाना व दोषी व्यक्ति को कठोर से कठोर सजा दिलाना है। इस अधिनियम में 18 वर्ष से कम उम्र के लड़का हो या लड़की सभी को बच्चा माना गया है। यदि किस बच्चे के साथ यौन शोषण होता है तो बिना डर भय के वे अपने अभिभावक, शिक्षक, मुखिया, सरपंच, थाना इत्यादि स्थानों पर समस्या दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पोक्सो एक्ट को लेकर पुलिस अधिकारियों व अन्य विभागों को संवेदनशील होना बेहद जरूरी है। पोक्सो अधिनियम का उद्देश्य बच्चों के संरक्षण पर जोर देना है। समाज का यह दायित्व है कि बच्चों को उचित शिक्षा और संस्कार दें, ताकि वह भविष्य में अच्छे नागरिक बन सकें। उन्होंने पीड़ितों से संवेदनशील व्यवहार और उन्हें उचित पीड़ित प्रतिकर उपलब्ध करवाने की बात कही। उन्होंने बताया कि पोक्सो के मामलों में तुरंत उपचार जांच व मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसका पालन अस्पतालों में पूर्ण रूप से किया जाता है। पोक्सो अपराध की जांच में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है व जांच के दौरान अधिकारियों को पीड़िता से चाइल्ड फेन्डली एप्रोच अपनाकर पूछताछ करनी चाहिए और जांच को 60 दिन के अन्दर खत्म करना चाहिए।
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