स्थानीय लोगों ने खोले राज
महिलाओं का कहना है कि उनकी कालोनी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो कोई सर्वे टीम आई और न ही टीकाकरण अभियान चलाया गया। इसके बावजूद कागजों में टीकाकरण पूरा दिखा दिया गया। शिकायतकर्ता अनूप अहलावत का आरोप है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की बीसीजी वैक्सीन को ब्लैक मार्केट में बेचा गया है। उन्होंने इस मामले की जांच उच्च स्तर पर करवाये जाने की मांग की है
अनूप अहलावत ने चेतावनी दी है कि यदि जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई या सही कार्रवाई नहीं हुई तो वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करेंगे। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है और पूरे मामले पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है। मगर इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग का कोई भी अधिकारी जानकारी नहीं दे रहा।