साल्हावास। मंगलवार कोनायाब सैनी ने घोषणा की है कि सरपंच अब ई टेंडरिंग के बिना 21 लाख तक के काम करा सकेंगे। पहले यह लिमिट 5 लाख तक थी। इस घोषणा के बाद सरपंचों में खुशी की लहर है। तरफ ई-टेंडर के लिए बनाए गए नियमों के कारण विरोधाभास की स्थिति भी बनी है। सरपंच प्रतिनिधि कैप्टन बिजेंद्र सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत को मिलने वाली ग्रांट राशि में से 50 प्रतिशत राशि के बिना टेंडर के काम करवाने होते हैं तथा 50 प्रतिशत राशि के लिए ई टेंडरिंग प्रक्रिया जरूरी की हुई है सरकार को इस बारे में पूर्ण रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए।
काफी समय से सभी पंचायतों को इस प्रकार की घोषणा का इंतजार था। अब सरपंच गांव में बड़े कार्य भी करवा सकेंगे। टेंडर प्रकिया और आसन करना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की विकास कार्य में रुकावट ना हो
कृष्ण, सरपंच, ढाणी साल्हावास
सरपंचों पर विकास कार्यों के नाम पर थोपी गई सूची को तुरंत प्रभाव से हटाना चाहिए और गांव के सभी काम करवाने के लिए सरपंचों को पूर्ण रूप से छूट देने चाहिए।
राकेश जाखड़, धनिरवास सरपंच
ग्रांट में मिली राशि को 50 प्रतिशत बिना टेंडर और 50 प्रतिशत ई टेंडरिंग के तहत खर्च करने के नियम में बदलाव करना चाहिए और अब पूर्ण रूप से बिना ई टेंडरिंग के पूर्ण राशि खर्च करने के लिए सरपंचों को छूट देनी चाहिए।
विजय लता