छारा स्थित लाला दीवानचंद अखाड़े के पहलवान संजीत ने दिल्ली में संपन्न हुई एशियन कैडेट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर एक बार फिर इलाके का नाम रोशन किया है।
विदेशी पहलवानों को हराकर लौटे संजीत का कुश्ती प्रेमियों ने जोरदार अभिनंदन किया। विजेता संजीत ने अपना अगला लक्ष्य बोस्निया में होने वाली वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतना बताया।
गत 11 से 14 जून तक दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एशियन कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन हुआ। 20 एशियाई देशों के पहलवानों ने चैंपियनशिप में भाग लिया।
गांव छारा स्थित लाला दीवानचंद अखाड़े के संजीत पहलवान ने भी चैंपियनशिप में जोर आजमाइश की। संजीत ने 76 किलोग्राम भारवर्ग की फ्री स्टाइल कुश्तियां लड़ीं। शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 वर्षीय संजीत ने अपने तीनों मुकाबले जीतें।
पहला मुकाबला तुर्कमेनिस्तान और दूसरा कजाकिस्तान के पहलवान के साथ हुआ। निर्णायक मुकाबला ईरान के पहलवान से हुआ। संजीत ने यह मुकाबला 10-2 से जीतकर गोल्ड मेडल हासिल कर लिया।
संजीत की जीत से उसके गुरु, साथी पहलवानों और कुश्ती प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोमवार को जीतकर लौटने पर संजीत का जोरदार अभिनंदन हुआ।
फूलमालाओं और शाल ओढ़ाकर विजेता पहलवान और उसके कोच आर्य वीरेंद्र का सम्मान किया गया। बलबीर सिंह, धर्मपाल, चंद्र सिंह, भगवान सिंह राठी, वीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र, कृष्ण, तस्वीर सिंह राठी, राजेंद्र सिंह, प्रमोद आर्य सहित छोटूराम धर्मशाला सोसाइटी के सदस्यों और मोहित, सचिन, सुनील सहित अन्य साथी पहलवानों ने संजीत को जीत की बधाई दी।
लक्ष्य वर्ल्ड चैंपियनशिप
संजीत मूलत: जिला झज्जर के गांव चांदपुर के निवासी हैं। वर्ष-2009 से छारा स्थित अखाड़े में कोच आर्य वीरेंद्र से प्रशिक्षण ले रहे हैं। महाराष्ट्र में हुए राष्ट्रीय ग्रामीण खेलों और झारखंड में हुए नेशनल गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था।
भालगढ़ में हुए ट्रायल में अच्छा प्रदर्शन करने की बदौलत ही संजीत का चयन एशियन कैडेट चैंपियनशिप में हुआ था। संजीत ने अपनी जीत का श्रेय गुरु, परिजनों और साथी पहलवानों को दिया।
उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य अगस्त में बोस्निया में होने वाली वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतना है। इसके लिए वह कड़ा अभ्यास करेंगे।