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चंदा लेने के लिए प्रदेश में घूम रहा है मलिक : सांगवान

Wed, 10 May 2017 12:50 AM IST
अमर उजाला/ब्यूराो/बहादुरगढ़/झज्जजर
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पेट्रोल-डीजल के माप और उनकी गुणवत्ता पर लोगों को भरोसा ही नहीं है। अब योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पेट्रोल पंपों की जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद बहादुरगढ़ में भी पेट्रोल पंपों पर छापामार कार्रवाई की मांग उठने लगी है। फिलिंग स्टेशनों से पेट्रोल खरीदने वाले उपभोक्ताओं को अपनी गाड़ी की टंकी में कम पेट्रोल आने की चर्चा करते हुए देखा जा सकता है। पंप संचालकों के सामने वाहन चालक असहाय साबित हो रहे हैं।
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बहादुरगढ़ में कुल आठ पेट्रोल पंप हैं। अगर क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की जांच की जाए तो यहां भी कई तरह के गड़बड़झाले सामने आ सकते हैं। वाहन चालकों के पास पंप पर पेट्रोल की गुणवत्ता और मापतोल की जांच का कोई कारगर तरीका नहीं है। सरकारी जांच पर निर्भर वाहन चालकों को इस बात से ज्यादा निराशा मिलेगी कि मार्च व अप्रैल दो माह में जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने एक भी पेट्रोल पंप के न तो नमूने लिए और न ही मापतोल की जांच की गई। इतना ही नहीं पेट्रोल कम देने को लेकर कई बार उपभोक्ता और पेट्रोल पंप कर्मियों के बीच झड़प तक हो जाती है।
उपभोक्ताओं का कहना होता है कि पेट्रोल पंप कर्मी भुगतान के अनुसार पेट्रोल नहीं डालते। जबकि मीटर पर पूरी भुगतान राशि प्रदर्शित होती है। जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान होता है। उधर, जिला पेट्रोल पंप आनर एसोसिएशन का कहना है कि यदि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक उपभोक्ता के साथ धोखा करता है तो उसके खिलाफ एसोसिएशन में शिकायत दर्ज कराएं। ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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उनका कहना है कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है। सभी पेट्रोल पंप संचालक गड़बड़ी नहीं करते, लेकिन एक पेट्रोल पंप संचालक की बेईमानी के कारण सभी को बदनाम किया जाता है। गड़बड़ी करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों को एसोसिएशन ने सुधरने के लिए सख्त हिदायत दी है।
इस तरह बरतें सावधानी
क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर आटोमेटिक मीटर लगे हुए हैं। ये मीटर पूरी तरह से सील होते हैं। अगर किसी उपभोक्ता को किसी तरह का कोई शक है तो वह सील चेक कर सकता है। अगर सील टूटी हुई है तो गड़बड़ी की गई है। पेट्रोल पंप पर 5 लीटर का स्टेंडर्ड मापक रखा होता है। अगर किसी को गड़बड़ी की आशंका है तो उस मापक पर मापकर देखा जा सकता है।

मिलावट की करें जांच
पेट्रोल में मिलावट चैक करने का सबसे आसान तरीका है। फिल्टर पेपर टेस्ट। यह पेपर सभी पंपों पर होता है। फिल्टर पेपर पर एक बूंद पेट्रोल नॉजल से डालें। अगर दो मिनट में पेट्रोल उड़ जाता है और कोई धब्बा नहीं होता है तो कोई मिलावट नहीं है। पेट्रोल उड़ने के बाद अगर गुलाबी रंग के अलावा कोई और धब्बा रह जाता है तो तेल में मिलावट है।

बोले शहर वासी

अक्सर नहीं होती संतुष्टि
शहर वासी भीम सिंह का कहना है कि क्षेत्र के कुछ पेट्रोल पंपों से पेट्रोल भरवाने के बाद वह अकसर संतुष्ट नहीं होते। जबकि घेवरा के पास पेट्रोलियम कंपनी के अपने स्वामित्व वाले पंप से पूरी मात्रा में पेट्रोल मिलता है। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर हरियाणा में भी पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की जाए तो पेट्रोल पंपों की धोखाधड़ी उजागर हो सकती है।

कई बार खा चुका धोखा
सेक्टर-7 निवासी आशीष कुमार ने बताया कि वह अपनी कार में दिल्ली के कनाट प्लेस एरिया से पेट्रोल भरवाता हैं तो ज्यादा चलता है। यदि रिमोट एरिया से तेल भरवाता हूं तो गाड़ी एवरेज कम देती है। जिससे कम पेट्रोल मिलने का शक होता है। लगता है कि पेट्रोल पंप वाले न केवल मशीनों से छेड़छाड़ करते हैं बल्कि पेट्रोल में मिलावट भी करते हैं। पंपों पर पेट्रोल की समय-समय पर जांच होनी चाहिए।

मजबूरी में एक को चुना
बराही रोड निवासी सुरेंद्र दलाल ने कहा कि सभी पेट्रोल पंप संचालक गड़बड़ी नहीं करते, लेकिन कुछ पेट्रोल पंपों वाले उपभोक्ताओं को चूना लगाते हैं। इसलिए मैंने अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के लिए एक ही पेट्रोल पंप को चुन रखा है। धोखा करने वाले पंप संचालकों के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए।

नहीं मिलती शिकायतें
पेट्रोल की घटतोली और मिलावट की हमें कोई शिकायत नहीं मिलती। अगर मिलेगी तो अवश्य कार्यवाही की जाएगी। कोई शिकायतकर्ता खुद आगे नहीं आएगा तो भी विभाग पेट्रोल और डीजल के नमूने लेकर जांच कराएगा। कम मापने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर

क्या कहते हैं एसडीएम
इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी। एक कमेटी का गठन कराया जाएगा। जो नियमित रूप से पेट्रोल पंपों पर छापेमारी करेगी और उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। गाड़ियों में इस तरह का कोई मीटर नहीं होता। जिससे यह पता लगाया जा सके कि पेट्रोल पंप से विक्रेता ने गाड़ी में कितना पेट्रोल भरा है। उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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- जगनिवास, एसडीएम बहादुरगढ़
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