संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। लघु सचिवालय परिसर में सोमवार को ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
पिछले 43 दिन से आंदोलन कर रहे ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर वार्ता के माध्यम से मसलों का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शन से पहले ग्रामीण सफाई कर्मियों की यूनियन के प्रधान नरेश लडायन की अध्यक्षता में सभा हुई। इसका संचालन जिला सचिव संदीप कुमार मारौत ने किया।
सभा में यूनियन नेता संदीप कुमार मारौत ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी मानदेय पर काम करते हुए 17 वर्ष से शोषण का शिकार हो रहे हैं। ये कर्मचारी जब अपने हकों और मांगों को लेकर संघर्ष रहे हैं तो सरकार आंदोलन को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सफाई का काम करने वाले 100 प्रतिशत दलित समुदाय से आने वाला तबका है। इन सफाई कर्मियों की भावनाओं के साथ खेलते हुए 2014 और 2019 में भाजपा ने वोट तो ले लिया, लेकिन पक्का करने का वायदा आज तक पूरा नहीं किया और न ही समान वेतन देने की गारंटी को लागू किया। सरकार के उपेक्षापूर्ण रुख को देखते हुए अब ये राज्यव्यापी हड़ताल को एक दिसंबर तक जारी रहेगी है और हजारों सफाई कर्मचारी 28-29 नवंबर को पंचकूला में महापड़ाव डालते हुए आंदोलन को तेज करेंगे। इस अवसर पर सुनील, रामभगत, अजय ब्रह्मपाल, प्रवेश मातनहेल, सरोज दुजाना, किरण बरहाना मौजूद रहे।