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इंग्लैंड में रह रहे बहादुरगढ़ के रोहित ने खापों और सरपंचों से की मजदूरों की मदद करने की अपील

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रोहित अहलावत, सेक्टर-6 निवासी। फिलहाल इंग्लैंड में रह रहा है। - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़ के रहने वाले रोहित ने खापों और सरपंचों से प्रवासी मजदूरों की मदद का आह्वान किया है। रोहित को सोशल मीडिया, न्यूज चैनलों के जरिये पता चला है कि बहादुरगढ़ से हजारों की संख्या में मजदूरों का पलायन हो रहा है। यदि यह पलायन नहीं रुका तो भारत में कोरोना वायरस ज्यादा फैल सकता है। साथ ही उन्होंने नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भीड़ का सहारा लेने वाले नेता अब कहां हैं।
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रोहित अहलावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि वे लगातार भारतीय न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया को देख रहे हैं कि एक शहर से दूसरे शहर में जाने के लिए मजदूर बेहद ही परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है। कोरोना वायरस इतना खतरनाक है कि यदि एक व्यक्ति को होता है तो वह अपने आसपास के काफी लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर देखा कि शनिवार की रात दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर हजारों की संख्या में लोग एक-दूसरे के नजदीक खड़े थे। यह बेहद ही गंभीर है। जबकि सरकार की ओर से भारत में लॉकडाउन किया गया है। यदि सामाजिक दूरी नहीं रखी गई तो समस्या कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती है। इन दिनों इटली, स्पेन, ब्रिटेन, अमेरिका जैसे देशों में कोरोना वायरस का प्रकोप कहीं ज्यादा खतरनाक स्तर पर है।
वायरस रोकना है तो रुकना होगा घर पर
रोहित अहलावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारत वासियों से आह्वान किया है कि भारत में कोरोना वायरस के मरीज बढ़ने से रोकने हैं तो लोगों को किसी भी तरह घर पर ही रुकना होगा। किसी भी तरह का भगदड़ मचाने की जरूरत नहीं है।
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नेताओं से किया सवाल
उन्होंने भारतीय नेताओं विशेषकर बहादुरगढ़ के नेताओं से सवाल किया कि जो नेता व टिकटार्थी भीड़ का सहारा लेकर अपना शक्ति प्रदर्शन करने का दावा करते थे और इन्हीं को कुछ रुपये और खाने का लालच देकर गाड़ियों में बैठाकर रैलियों में ले जाने का काम करते थे, वह नेता अब इनकी मदद के लिए आगे क्यों नहीं आ रहे। अब समय लोगों की सेवा करने का है। उन्हें खाने-पीने के सामान के साथ-साथ उनकी अन्य जरूरतें पूरी करने के लिए नेताओं को आगे आना चाहिए।
मजदूरों की मदद करने का खापों से किया आह्वान
रोहित अहलावत ने यहां के सरपंचों, खापों, पंचों से आह्वान किया है कि वे इन मजदूरों की मदद के लिए आगे आएं। उन्हें उनके घर तक पहुंचाने के लिए वाहनों का प्रयोग करें। साथ ही खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराएं। यदि खापें मजदूरों की मदद के लिए इस समय आगे आती हैं तो यह एक मिसाल बन जाएगी कि खाप से बड़ी ऑर्गेनाइजेशन कोई नहीं है। मजदूरों को रहने के लिए छत दें। उन्होंने कहा कि यदि सोशल व्यक्ति इसके लिए आगे आते हैं तो केवल मजदूरों का पलायन ही नहीं कोरोना वायरस भी रुक जाएगा।
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