गत अप्रैल माह में परिवहन मंत्री के साथ हुए समझौते को लागू न करने के विरोध में रोडवेज कर्मियों में रोष पनपता जा रहा है। सोमवार को इसी में बहादुरगढ़ सब डिपो में कर्मचारियों ने 2 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने जोरशोर से अपनी मांगें उठाई। कर्मचारियों के प्रदर्शन की वजह से यात्रियों को भी परेशानी हुई।
बहादुरगढ़ डिपो में सुबह 9 बजे से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन 11 बजे तक जारी रहा। इस दो घंटे के धरने-प्रदर्शन की अध्यक्षता महासंघ डिपो प्रधान जगदीश राणा ने की। सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान कर्मबीर छिल्लर ने कहा कि सरकार रोडवेज को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। इसलिए ही सरकार द्वारा 273 रूटों पर परमिट जारी करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल को परिवहन मंत्री के साथ समझौते में सरकार ने कहा था कि किसी भी रूट पर कोई नया परमिट नहीं दिया जाएगा। मगर अब सरकार समझौते को लागू नहीं करना चाहती। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित महराणा ने कहा कि प्रदेश में बार-बार अलग-अलग डिपो में प्राइवेट बसों को चलाने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में आगामी 18 जून को परिवहन मंत्री के पानीपत कार्यालय का घेराव किया जाएगा और 9 जुलाई को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय करनाल का घेराव होगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक परमिट रद नहीं किया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर राकेश खत्री, सुभाष, अनिल, ओम सहित काफी कार्यकर्ता मौजूद रहे। सुबह के वक्त विरोध प्रदर्शन होने के कारण यात्रियों को बेहद परेशानी हुई। दरअसल, हर सुबह बहादुरगढ़ से हजारों यात्री दिल्ली, गुड़गांव और रोहतक की तरफ जाते हैं। ऐसे में सुबह के वक्त प्रदर्शन होने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई। इन्हें प्राइवेट वाहनों में ही अपना सफर तय करना पड़ा।