झज्जर। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने मांगों को लेकर बस अड्डा परिसर में सांकेतिक भूख हड़ताल की। इसकी अध्यक्षता डिपो प्रधान विजय माजरा ने की। राज्य कमेटी के नेताओं ने रोडवेज कर्मचारियों को भूख हड़ताल पर बैठाया। इसका संचालन डिपो सचिव दिनेश डीघल ने किया।
राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद, राज्य उपमहासचिव पवन शर्मा, राज्य उपप्रधान जयकुंवार दहिया, राज्य कार्यालय सचिव सतबीर मुंडाल ने बताया कि सरकार व परिवहन मंत्री रोडवेज के कर्मचारियों को बुलाकर मांगों का समाधान नहीं करती है तो 22 फरवरी 2026 को परिवहन मंत्री के कैंप कार्यालय पर होने वाले घेराव, प्रदर्शन में रोडवेज कर्मचारी बढ़-चढ़कर के भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट मालिकों को दोनों हाथों से धन लुटाया जा रहा है। प्राइवेट ऑपरेटरों के अनुबंध के समय 33 नंबर कालम पर यह दर्शाया गया है कि प्राकृतिक आपदा विभाग के नियंत्रण में नहीं है, जिनकी वजह से बसों का संचालन बंद हो तो उस स्थिति में पट्टाधारियों व प्राइवेट ऑपरेटर को किसी भी राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि कोरोना काल में हरियाणा रोडवेज की बस और रोडवेज के कर्मचारियों ने मेहनत कर यूपी, बिहार जैसे दूरदराज के इलाकों में भी मजदूरों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने का काम किया। उनका सरकार ने धन्यवाद तक नहीं किया और न ही उस समय का ओवरटाइम दिया गया।
हरियाणा रोडवेज कोरोना काल में खड़ी रहीं, उनके घाटे की भरपाई क्यों नहीं की। उनकी मांग है की कि कोरोना के समय का भुगतान रोडवेज विभाग में भी सरकार द्वारा जमा कराया जाए। कर्मचारियों की ईएल घटाकर लाखों रुपये सरकार हड़प गई, ओवरटाइम रोक दिया गया, वाशिंग अलाउंस काट लिया गया, 10 साल का बोनस पेंडिंग है।
दो साल का बोनस देने की बातचीत हुई थी, लेकिन एक भी पैसा कर्मचारियों को नहीं दिया गया। दो साल के लगभग कर्मचारियों का टीए बकाया है, उस पर सरकार ने रोक लगा दी, मेडिकल बिल रुके हुए हैं, उनका भुगतान नहीं किया जा रहा। भूख हड़ताल बैठे साथियों को राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद, उपमहासचिव पवन शर्मा एवं उपप्रधान जयकुंवार दहिया ने जूस पिलाकर उठाया।
इस अवसर पर नरेश सिवाच, प्रदीप हुडडा, बलजीत सिंह, विजय माजरा, दिनेश डीघल, विक्रम सिंह मौजूद रहे।