झज्जर। मानसून से पहले बुधवार शाम हुई 20 मिनट कीबारिश में ही शहर की कई सड़के जलमग्न हो गई। गलियों में भी पानी भर गया। आवागमन में भी परेशानी हुई। जलभराव के कारण कई दुपहिया वाहनों में पानी भरने से बंद हो गए और लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। लोगों का कहना है कि नालों की सफाई समय पर न होने की वजह से मानसून से पहले हल्की बारिश में ही सड़कों का ये हाल है। मानसून में तो हालत और खराब हो जाएगी। बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा।
क्षेत्र में बुधवार की शाम को अचानक मौसम बदला और बारिश हो गई। हालांकि बारिश होने से मौसम पूरी तरह से सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। देर शाम तक रुक रुक कर बारिश हुई लेकिन क्षेत्र में 6 एमएम बारिश हो चुकी है। करीब 20 मिनट बारिश हुई लेकिन इतनी सी बारिश में ही शहर की सड़कों पर पानी भर गया । शहर के निचले क्षेत्रों में अधिक जलभराव हुआ। शहर में सड़कों व गलियों में पानी भर गया था। पानी की वजह से दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी के अंदर से निकलते समय सड़कों पर भरे पानी के बीच बाइक व दुपहिया वाहन बंद होने की वजह से लोगों को घसीटकर पैदल ही बाहर निकालना पड़ा। शहर के पुराने बस स्टैंड, माता गेट, आंबेडकर चौक, बिकानेर चौक, सदर पुलिस थाने के सामने से गुजरने वाले रोड सहित विभिन्न स्थानों पर पानी भरने से परेशानी बढ़ गई थी।
फसलों के लिए फायदेमंद रही बारिश
हालांकि बारिश धान की बुवाई के लिए लाभकारी है। जिले में करीब 35 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की फसल बोई जाती है। बारिश होने के साथ अब बाजरे की बिजाई भी शुरू हो जाएगी। जबकि करीब 35 से 40 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई की जाती है। जिले में धान की रोपाई का कार्य चल रहा है। मानसून की बारिश से ही किसानों की फसलों को फायदा होगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तकनीकी अधिकारी डॉ. ईश्वर सिंह जाखड़ ने कहा कि जिले में बारिश के बाद अब बाजरे की बिजाई का कार्य शुरू हो जाएगा। धान की रोपाई का कार्य चल रहा है।
वर्जन
नालों की सफाई का कार्य चल रहा। जल्द ही नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
- मनदीप सिंह, एमई, नगर परिषद, झज्जर।