बहादुरगढ़। कई वर्षों से लटका उत्तरी बाईपास का निर्माण कार्य अब जल्द ही शुरू होगा। यहां सड़क बनने के बाद सरपट वाहन दौड़ेंगे। सिंचाई विभाग की ओर से इस्कॉन मंदिर के पास ड्रेन में बॉक्स डाले जाएंगे। इसके बाद पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण) विभाग की ओर से सड़क और ब्रिज बनाने का काम शुरू किया जाएगा। लगभग 77 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से मुख्यालय भेजा गया है। इसी महीने में अपू्रवल मिलने की संभावना है। मार्च में टेंडर लगाया जाएगा। इसके बाद अप्रैल में काम शुरू होने की प्रबल संभावना है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 24 जुलाई 2016 को बहादुरगढ़ में उत्तरी बाईपास के निर्माण की घोषणा की थी। विधायक नरेश कौशिक की मांग पर सीएम ने यह घोषणा की थी। वह आज तक पूरा नहीं हो पाया है। पहले इसे 111 करोड़ की राशि से तैयार किया जाना था, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण इसकी लागत लगातार बढ़ती चली गई। बाद में पीडब्ल्यूडी विभाग के पास 149 करोड़ रुपए आ गए। जिसमें से 103 करोड़ सिंचाई विभाग को दे दिए गए। इस्कॉन मंदिर को बचाने के लिए कई बार ड्राइंग भी बदली गई। अब मंदिर के साथ लगती ड्रेन के हिस्से में बॉक्स डाले जाएंगे। यह कार्य सिंचाई विभाग द्वारा किया जाएगा। जबकि सड़क और ब्रिज पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाए जाएंगे। अधिकारियों का दावा है कि काम शुरू होने के बाद वर्ष 2025 के अंत तक यह पूरा कर लिया जाएगा।
कई गांवों के साथ-साथ लाइनपार वासियों को होगा फायदा
बाईपास बनने के बाद शहर के अंदर से गुजरने वाली सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को काफी राहत मिलेगी। यहां पर रिटेनिंग वॉल का काम आसौदा तक पूरा हो चुका है। बहादुरगढ़ में वाहन चालकों के लिए उत्तरी बाईपास का निर्माण किया जाना है। बराही गांव के पास निर्माण कंपनी की ओर से वेस्ट जुआं ड्रेन पर 60 फीट नाले के दोनों तरफ सीसी की रिटेनिंग वाल (सीमेंट-कंकरीट की दीवार) बनाई जा चुकी है, लेकिन शहर के अंदर ड्रेन की करीब 80 फीट तक जमीन पर मंदिर का हिस्सा है। इसे बचा दिया गया है। वैसे तो प्रोजेक्ट में यह तय है कि 60 फीट की चौड़ाई तक ड्रेन खुली रहेगी और उसके दोनों तरफ सीसी की दीवार बनेगी। यहां पर ड्रेन को बाक्स प्रणाली से कवर किया जाएगा और उसके ऊपर ही सड़क बना दी जाए ताकि प्रोजेक्ट भी पूरा हो जाए और इस्कॉन मंदिर भी बचा रहे।
यह है योजना
प्रथम चरण में आसौदा से नाहरा-नाहरी रोड तक करीब नौ किलोमीटर लंबी वेस्ट जुआ ड्रेन में रिटेनिंग वाल सिंचाई विभाग द्वारा बनाई जा चुकी है। इन दीवारों की ऊंचाई साढ़े तीन से लेकर साढ़े चार मीटर तक है। वन विभाग से भी इसके लिए एनओसी काफी साल पहले ही जारी कर दी गई थी। 120 से 160 फीट तक चौड़ी ड्रेन में 60 फीट चौड़ा ड्रेन का बैड बनेगा और उसके दोनों तरफ रिटेनिंग वाल बनाने के बाद नौ-नौ मीटर की सड़क लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाई जाएगी। दूसरे चरण में परनाला गांव के पास रेलवे ओवरब्रिज बनेगा। आरओबी का डिजाइन बनाकर पिछले दिनों विभागीय मुख्यालय भेजा गया था।
सड़क और ब्रिज बनाने के लिए 77 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। इसी महीने में अपू्रवल मिलने की उम्मीद है। इसके बाद टेंडर लगाया जाएगा। टेंडर अलॉट होते ही काम शुरू कराया जाएगा। संभावना है कि मार्च के अंतिम या अपै्रल के प्रथम सप्ताह में काम शुरू हो। 11 ब्रिज भी बनाए जाएंगे।
-अनिल रोहिल्ला, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी ,बहादुरगढ़।
-फोटो 65 : इस्कॉन मंदिर के नजदीक यहां बनाए जाएंगे बॉक्स। संवाद