कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे पर रविवार की सुबह 22 वाहन टकरा गए, जिसमें एक कार चालक की मौत हो गई। जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना में कुछ अन्य चालकों को भी चोटें आई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को सरकारी अस्पताल भिजवाया। जबकि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखवाया गया है।
हादसा सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट पर बाढ़सा और फर्रुखनगर के बीच केएमपी पर हुआ। मुर्गों से भरा एक टेंपो हाईवे पर पलट गया। इसी दौरान घने कोहरे के चलते टेंपो नजर नहीं आया। सबसे पहले एक ट्राला चालक की टक्कर टेंपो से हुई। इसी दौरान पीछे एक होंडा सिटी कार ट्राला में टकरा गई। जबकि होंडा कार को पीछे से टक्कर मार कर एक अन्य वाहन ने पूरी तरह से ट्राला के अंदर घुसा दिया। कार में चालक सहित 3 लोग बुरी तरह से घायल हो गए। किसी तरह से दो लोगों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन चालक को बाहर नहीं निकाला जा सका। कुछ देर में चालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों की पहचान शैलेश पुत्र बालगोविंद निवासी नीमका थाना राजस्थान, शेर सिंह पुत्र गुरुदयाल महेंद्रगढ़ के तौर पर हुई। जबकि मृतक की पहचान 33 वर्षीय रविंद्र पुत्र रोहताश के रूप में की गई जोकि राजस्थान के कातली गांव का रहने वाला था। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी है। पुलिस जांच अधिकारी प्रवीन कुमार ने बताया कि सोमवार को शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। दुर्घटना के समय केएमपी पर दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
ऐसे टकराए वाहन
सबसे पहले केएमपी पर एक टेंपो पलट गया। टेंपो पलटने से आवागमन धीमा हो गया और एक ट्राला जब धीमी गति से चल रहा था तो पीछे एक होंडा सिटी कार ने टक्कर मार दी। इस दौरान एक के बाद एक करीब 22 वाहन आपस में टकरा गए। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो सबसे आगे ट्राला मिला। इसके पीछे होंडा कार, 3 ट्रॉले, कैंटर, टेंपो 407, कंटेनर, ट्राला और कैंटर सहित 18 वाहन मिले। अन्य वाहन चालक मौके से फरार हो गए। मौके पर मौजूद चालक संजीव इटावा यूपी, शिवचरण, कालू, राकेश यूपी ने बताया कि कुछ वाहन चालक दुर्घटना के बाद वाहनों के साथ भाग गए।
कार की छत तोड़कर निकाले घायल
दुर्घटना में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। कार में सवार दो घायल बुरी तरह से चिल्ला रहे थे। मौके पर मौजूद अन्य घायलों ने कार की छत तो तोड़कर दोनों घायलों को बाहर निकाला। जबकि चालक को कार से बाहर नहीं निकाल सके। दोनों बुरी तरह से घायल थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार पूरी तरह से ट्राला के नीचे दबी हुई थी जिसके चलते घायलों को कड़ी मशक्कत से बाद निकाले जा सके, लेकिन जब तक चालक दम तोड़ चुका था। शव कार के अंदर ही दबा हुआ था। जिसे एक घंटे की मेहनत के बाद भी नहीं निकाला जा सका तो क्रेन की मदद ली गई। क्रेन की मदद से ट्राला को उठाया गया। जबकि कार को तोड़ शव को बाहर निकाला।
हादसे के बाद ट्राला चालक बोला- भगवान ने बचा लिया
चीनी भरकर पलवल की ओर जा रहे ट्राला चालक कालू सिंह निवासी कोटपुतली ने बताया कि दुर्घटना में उनका ट्राला दो वाहनों से एक साथ टकराने के बाद बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि ट्राला का कैबिन टूट जाने के बाद उनकी जान बच गई। कालू के अनुसार वह करीब 30 मिनट तक ट्राला के अंदर चिल्लाते रहे। बाद में उन्हें राहगीरों की मदद से बाहर निकाला गया। इस दौरान उन्होंने मौत को करीब से देखा है।