झज्जर। जिले के लगभग 100 प्ले स्कूलों में दो साल से डिब्बों में बंद पड़े आरओ सिस्टम को बिना पानी की टंकियों के इंस्टाल किया जा रहा है। कंपनी के कर्मचारी स्कूलों में जाकर आरओ को इंस्टाल दिखाकर फोटो खींचकर अपने साथ ले जा रहे हैं। जबकि अधिकतर प्ले स्कूलों में पानी की टंकी ही नहीं हैं। ऐसे में आरओ कैसे चलेगा सवाल उठ रहा है।
प्ले स्कूलों में कार्यरत इंचार्जों को एक दिन पहले आरओ कंपनी की तरफ से सर्विस का मैसेज भेजकर आने की बात कही जा रही है। कर्मचारी स्कूलों में आरओ बगैर टंकी इंस्टाल कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर इसका विरोध हुआ तो इनको दोबारा डिब्बे में बंद कर दिया गया। अगले दिन इंचार्ज के पास रिपेयर और इंस्टालेशन के मैसेज भेजे गए, इससे इंचार्जों में भी रोष है कि जब पानी की टंकी ही नहीं है तो इनको इंस्टाल कैसे दिखाया जा रहा है?
वारंटी पीरियड खत्म होने को, इसलिए आ रहे कर्मचारी
जिले के 100 प्ले स्कूलों में 2 साल पहले आरओ सिस्टम भेजे गए थे। अब इनका वारंटी पीरियड खत्म होने वाली है। 2 साल तक यह आरओ इंस्टाल ही नहीं हुए और न ही इसकी सुविधा मिली। अब कंपनी के प्रतिनिधि खुद सर्विस रिक्वेस्टर जरनेट कर प्ले स्कूलों में जा रहे हैं। वहां जाकर इनको इंस्टाल किया जा रहा है और रिपेयर दिखाया जा रहा है। जबकि टंकी न होने की वजह से आरओ इंस्टाल ही नहीं किए जा सकते।
प्ले स्कूल में कंपनी की तरफ से कर्मचारी आया था और उसने सर्विस करने की बात कही। जब ये शुरू ही नहीं हुए तो सर्विस कैसी? ऊपर से मोबाइल पर इनको इंस्टाल करने का मैसेज भेज दिया गया। जब टंकी ही नहीं है तो इंस्टाल कैसे होंगे। इस बारे में दो दिन से दिए गए नंबर पर कंपनी में बात कर रही हूं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। इस बारे में पीओ कार्यालय में बात की जाएगी।
- बालेश जाखड़, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
जिन स्कूलों में पानी की टंकी की व्यवस्था है, वहां आरओ इंस्टाल कराए जा रहे हैं। जहां पानी की टंकी नहीं है, वहां इंस्टाल नहीं होंगे। इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी गई है।
- उर्मिल सिवाच, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, झज्जर