बहादुरगढ़। टमाटर के बाद अब दाल मसालों की कीमतों ने रसोई का बजट बिगड़ना शुरू कर दिया है। त्योहार से पहले ही इनकी कीमतों में 25 से 30 फीसदी बढ़ोत्तरी हो गई है। चीनी भी महंगी हुई है। गृहणियों ने कीमतों पर अंकुश लगाने की मांग की है।
त्योहारों से पहले खाद्यान्न की कीमतें बढ़ रही हैं। मसालों के भाव भी 55 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। दाल, चावल, चीनी, मसाले के भाव बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। टमाटर सस्ता होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, अब हर चीज के रेट बढ़ने से लोग परेशान हैं। चीनी के दाम 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 4200 रुपये हो गई है। चावल के दाम में भी 10 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम की तेजी है। साथ ही जीरा 600 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 700 रुपये प्रति किलो और लौंग 800 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 1400 रुपये पहुंच गया है। रेलवे रोड़ के व्यापारी शंकर ने बताया कि 20 अगस्त के बाद खाद्यान्न में वृद्धि शुरू हुई, जो 10 सितंबर तक काफी बढ़ गई है। मंडी के व्यापारी अंकित कुमार ने बताया कि दाल, चावल, चीनी के बाद अब मसालों में काफी तेजी आई है। प्याज की कीमतें भी लगातार बढ़ रही है। पिछले 20 दिनों में प्याज के दाम 50 प्रतिशत बढ़ गए हैं, जो लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं।
क्या बोली महिलाएं
सब्जी, दाल, चावल और चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। सरकार को इनकी कीमतों पर विराम लगाना चाहिए।
-अनुपमा शर्मा
गैस सिलिंडर सस्ता होने से कुछ राहत मिली थी लेकिन अब दाल, चावल,, मसाले महंगे हो रहे हैं। कीमतों पर नियंत्रण रखना आवश्यक है।
-भारती शर्मा
महंगाई से महीने का हिसाब गड़बड़ा गया है। अब तो राशन लेने से पहले हिसाब लगाना पड़ रहा है। यदि ऐसे ही महंगाई बढ़ती रही तो उनका जीना मुहाल हो जाएगा। सरकार को दैनिक चीजों की महंगाई कम करनी चाहिए, ताकि उनका हिसाब न बिगड़े।
-पुष्पा, गृहिणी
खाद्यान्न के बढ़ते भाव
दाल
20 अगस्त
10 सितंबर
मूंग की दाल
90
120
अरहर की दाल
110
170
उड़द की दाल
110
140
छोले
105
150
बेसन
75
90
चावल
70
85
चीनी
40
42
मसालों के दाम
मसाले
20 अगस्त
10 सितंबर
हल्दी
160
240
जीरा
600
700
लौंग
800
1400
काली मिर्च 650
900
लाल मिर्च
250
400