-फोटो 60 : मंडी में बंंद पड़ी दुकानें। संवाद
बहादुरगढ़। अवैध सब्जी विक्रेताओं को मंडी से हटाने की मांग को लेकर पंजीकृत सब्जी विक्रेताओं ने दूसरे दिन वीरवार को भी हड़ताल कर मार्केट कमेटी के खिलाफ रोष जताया। विक्रेताओं ने नारेबाजी करते हुए अधिकारियों को चेताया कि अगर दो-तीन दिन में उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे मंडी के गेट बंद करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
सब्जी मंडी में हड़ताल के चलते ग्राहकों की भी परेशानियां बढ़ गई है। ग्राहकों को महंगे दामों में फेरी लगाने वालों से सब्जी खरीदनी पड़ रही है।
फेरी वालों को सब्जी के दामों को लेकर अगर कुछ कहा जाता है तो वे एक ही बात कहकर पल्ला झाड़ लेते है कि मंडी में हड़ताल है। इस कारण पीछे से सब्जी नहीं आ रही है। ऐसे पर ग्राहकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
पंजीकृत सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि वह मंडी से अवैध सब्जी विक्रेताओं को हटाने की मांग को लेकर अधिकारियों से लेकर नेताओं तक मिल चुके हैं, मगर समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। इसके चलते उन्हें मजबूर होकर अनिश्चिकालीन हड़ताल पर जाना पड़ा है। अगर फिर भी प्रशासन नहीं जागता है तो वे आगामी रणनीति तैयार करने पर विवश होंगे।
बहादुरगढ़ में सब्जी विक्रेताओं और किसानों के लिए दो शेड हैं। पिछले कुछ समय से किसान शेड में भी फुटकर सब्जियां बेची जा रही हैं। इस वजह से पंजीकृत विक्रेताओं का काम प्रभावित है और वे इन दुकानदारों को हटाने की मांग कर रहे हैं। सब्जी विक्रेता प्रदीप, बलवान, ओमप्रकाश सहित अन्य कहना है कि मांसाखोर शेड से पहले किसान शेड है।
वहां 80 से अधिक अवैध दुकानें लग रही हैं। इनकी वजह से एक तरफ तो पंजीकृत सब्जी विक्रेताओं का काम प्रभावित है तो वहीं दूसरी तरफ सरकार को भी रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है। कई बार शिकायतें की हैं लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही। इस अव्यवस्था के कारण मांसाखोर शेड तक उपभोक्ता नहीं पहुंच पाते। हमारे सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि पंजीकृत दुकानदारों को छोड़कर अन्य अवैध विक्रेताओं को बाहर किया जाए।