बहादुरगढ़। शहर में सेक्टर-9 मोड़ से ओमैक्स सिटी तक खस्ताहाल हो चुकी हाइवे का नवीनीकरण किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए 20 करोड़ छह लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा है। यह जानकारी विभाग ने सामाजिक कार्यकर्ता सतपाल हाडा को जन सूचना अधिकार के तहत दी है। यदि इसे मंजूरी मिली तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
दरअसल, शहर के अंदर से गुजरने वाले पुराने नेशनल हाईवे नंबर-9 की कई जगह से हालत खराब है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इस मार्ग पर वाहन तेज गति से चलते हैं। जिससे कई बार हादसे होते हैं। महावीर पार्क कॉलोनी के पास कोई गतिरोधक भी नहीं है। इसलिए हादसा होने का डर रहता है। इसलिए इस कॉलोनी के निवासी सतपाल हाडा ने गतिरोधक बनाने की मांग की थी, लेकिन विभाग ने इसके लिए इंकार कर दिया। इस पर हाडा ने विभाग से इस रोड पर गतिरोधकों के संबंध में जानकारी मांगी। साथ ही यह भी पूछा कि सड़क की मरम्मत कितने रुपये खर्च कर कब की गई थी। कार्यकारी अभियंता ने 26 अप्रैल 2023 को भेजे पत्र में बताया है कि सेक्टर-9 मोड़ से ओमैक्स तक इस मार्ग के नवीनीकरण के लिए 20.06 करोड़ का प्रकालन (एस्टीमेट) पास करवाने के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा गया है स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
महावीर पार्क-नेहरू पार्क के पास गतिरोधक बनाने ने किया इंकार
खासकर पुराने बस अड्डे के साथ बहादुरगढ़ सिटी मेट्रो स्टेशन के नीचे आधे रोड पर तो पानी भरा रहता है। बाकी में से आधे रोड पर ऑटो व ई-रिक्शा कब्जा जमाए रखते हैं। सेक्टर-9 मोड़ से ओमैक्स सिटी तक शायद ही कोई जगह या फुटपाथ हो जो अतिक्रमण से बचा हो। शहर के अंदर से गुजरने वाले पुराने राजमार्ग 9 की चौड़ाई 99 फुट है परंतु अवैध कब्जों के चलते कई बार एक कार भी नहीं निकल पाती।। विभाग ने बताया कि इस मार्ग पर पैच वर्क पिछले एक साल में 120600 रुपये खर्च किए गए। गतिरोधक की मांग पर हाई कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए विभाग ने संबंधित जगह गतिरोधक बनाने से मना कर दिया। जबकि पूछने पर बताया है कि आईएएस अधिकारी की अनुशंसा पर सेक्टर-9 से ओमैक्स सिटी तक सात गति गतिरोधक बाईं तरफ और छह गतिरोधक दाईं तरफ बनाए गए हैं।
............वर्जन
मुझे आरटीआई के तहत दी जानकारी में विभाग ने बताया है कि सड़क के दोनों ओर कई गतिरोधक बनाए गए हैं। यानी यहां विभाग हाई कोर्ट के आदेश मानना भूल गया। जबकि महावीर पार्क कॉलोनी व नेहरू पार्क कॉलोनी के पास गतिरोधक बनाते वक्त कोर्ट के आदेशों की याद आ गई। इन कालोनियों की एक गली में गुरुद्वारा, दो स्कूल व महावीर पार्क में एक स्कूल है और आए दिन इस कट पर छोटी मोटी दुर्घटना होती रहती है। इसके बावजूद यहां गतिरोधक न बनाना लोगों के लिए हादसों को निमंत्रण देने जैसा है।
सतपाल हाडा, सामाजिक कार्यकर्ता