ज्योत प्रज्जवलित करते हुए श्रद्घालु
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आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्र के अष्टमी के दिन बेरी स्थित मां भीमेश्वरी मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा। भक्तजनों ने अलसुबह से ही लंबी कतारों में लगकर मां भीमेश्वरी के दर्शन किए। बता दें कि न केवल नवरात्र के दौरान अपितु हर माह आने वाली अष्टमी के दिन भक्तजन पूजा अर्चना के लिए यहां आते है। अष्टमी के मौके पर परंपरानुसार भक्तों ने पवित्र सरोवर से मिट्टी निकालकर स्नान करके अपने परिवार की मंगल कामना की। अलसुबह करीब पांच बजे मां भीमेश्वरी की प्रतिमा को भीतर वाले मंदिर से बाहर वाले भवन लाया गया जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां का स्नान हुआ और भक्तों ने मंगला आरती की। मां भीमेश्वरी के दर्शनों का यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। नवविवाहित जोड़ों ने गठजोड़े की जात लगाकर और नवजात बच्चों के बाल उतरवाकर भक्तों ने पूजा की। जहां पुजारी ने मंत्रोच्चारण के साथ स्नान करवाया उसके बाद मंगला आरती करके मां के दर्शन भक्तों के लिए खोल दिए गए। उसके बाद मां के दर्शनों का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा।
धागा बांधकर मांगी मन्नतें
नवविवाहित जोड़ों ने गठजोड़े की जात, बच्चों के बाल उतरवाकर भक्तों ने पूजा अर्चना की। वहीं महिलाओं ने मां के मंदिर में पीपल के पेड़ पर धागा बांधकर मन्नत मागी। मां के दरबार में अष्टमी की भीड़ को देखते हुए पुलिस द्वारा कड़े इंतजाम किए गए थे। मां के दरबार मे सुबह 5 बजे से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया था। मंदिर के पुजारी पुरुषोत्तम वशिष्ठ का कहना है कि हर माह अष्टमी के दिन मां के दरबार में भक्त दर्शन करने के लिए आते है।
हर माह मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में अष्टमी के भक्तों की भीड़ उमड़ती है और कई राज्यों से भक्त मां के दरबार में माथा टेकने लिए पहुंचते है। भक्तों को साफ सुधरा वातावरण मिल सके इसके लिए पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगा दी जाती है।
अनिल कुमार, सिटी चौकी इंचार्ज, बेरी।