झज्जर। बेरी गेट स्थित पुरानी पंचायती वाल्मीकि धर्मशाला की जमीन का कुछ हिस्सा गलत तरीके से अपने नाम से नगर परिषद में दर्ज कराकर रजिस्ट्री कराने के मामले में नगर परिषद की भूमिका की जांच होगी। खुद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी इस मामले की जांच करेंगे। यदि नगर परिषद के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिलेगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसकी शिकायत नगर परिषद तथा पुलिस को भी दी गई है।
नगर परिषद ने इस मामले में बेरी गेट निवासी एक व्यक्ति को नोटिस भी जारी किया है। गौरतलब है कि बेरी गेट पर चौधरी लीलू राम के नाम से वाल्मीकि पंचायत धर्मशाला बनी हुई है। इसकी 1290 गज जमीन है। आरोप यह है कि एक व्यक्ति ने पंचायत जमीन की 388 गज जमीन की रजिस्ट्री करवाई है जबकि नगर परिषद के एनडीसी पोर्टल पर भी इसके खसरा और खेवट नंबर धर्मशाला के दिखाए गए हैं जबकि जमीन धर्मशाला के बाहर की है। अब नगर परिषद द्वारा इस पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है। साथ ही नप की भूमिका की जांच खुद ईओ करेंगे।
वर्जन
यह मामला उनके संज्ञान में आया है। इस मामले में नगर परिषद की भूमिका की जांच की जा रही है। यदि किसी कर्मचारी की संलिप्तता मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
केके यादव, ईओ, नगर परिषद, झज्जर