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हाईवा की चपेट में आने से युवक की मौत

Fri, 11 Jul 2014 01:33 AM IST
झज्जर
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गांव भटेड़ा में चल रहे एक धार्मिक आयोजन के लिए मोटरसाइकिल से डीजल लेने आए दो युवक बृहस्पतिवार दोपहर अनियंत्रित हाईवा गाड़ी की चपेट में आ गए।
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गांव चांदपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 71ए पर हुई इस सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया, जो पीजीआई रोहतक में भर्ती है। घटना को अंजाम देकर भाग रहे हाईवा को रोडवेज बस चालक ने पीछा कर कुछ दूरी पर ओवरटेक कर रोक लिया, लेकिन इस बीच हाईवा का चालक और परिचालक भागने में सफल रहे। सड़क दुघर्टना की सूचना जैसे ही गांव पहुंची, वहां हाहाकार मच गया।
घटना से आक्रोशित ग्रामीण चांदपुर के पास से गुजरे राजमार्ग पर एकत्र हो गए और जाम लगा दिया, जिससे वहां वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना पर भारी पुलिस बल और प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से जाम खोलने का आग्रह किया, लेकिन ग्रामीण मृतक के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर अड़े रहे। काफी मान मनौव्वल के ग्रामीण करीब तीन घंटे बाद जाम खोलने पर राजी हुए।
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 गांव भटेड़ा में गुरुवार को धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो रहा था। गांव के युवक सुभाष पुत्र ज्ञान चंद और जोगेंद्र पुत्र बालेराम मोटरसाइकिल से कार्यक्रम के लिए डीजल लेने जा रहे थे। राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 71ए पर पीछे से आई तेज रफ्तार अनियंत्रित हाईवा गाड़ी उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मारते हुए निकल गई। जिसमें सुभाष की मौके पर मौत हो गई, जबकि जोगेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना को अंजाम देकर भागी हाईवा गाड़ी को रोडवेज बस ने ओवरटेक कर कुछ दूरी पर रोक लिया, लेकिन हाईवा के चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल जोगेंद्र उपचार के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना जैसे ही गांव भटेड़ा पहुंची, वहां हाहाकार मच गया। आक्रोशित ग्रामीण गांव चांदपुर के नजदीक राजमार्ग पर पहुंचे और विरोध में जाम लगा दिया, जिसमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीण तीन घंटे से अधिक समय तक वहां डटे रहे। लोगों का कहना था कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद मुहैया कराए जाने के अलावा किसी एक सदस्य को नौकरी भी दी जाए। मुख्य मार्ग पर लगे जाम के कारण वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम की सूचना प्रशासन को मिलने के बाद पुलिस की टीम भी वहां पहुंची, जिसने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन मौके पर मौजूद लोग किसी भी सूरत में मानने को तैयार नहीं थे। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा मौके पर जाम खुलवाने के लिए नहीं आएंगे, तब तक वे जाम नहीं खोलेेंगे।
ग्रामीणों के तलख रुख को देखते हुए प्रशासन की ओर से एसडीएम डॉ. सतेंद्र दूहन, डीएसपी धीरज कुमार, तहसीलदार प्रमोद चहल, एसएचओ सत्यनारायण सहित पुलिस एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए जाम खोले जाने का अनुरोध किया। लेकिन ग्रामीण अपनी जिद्द पर अड़े थे। करीब दो घंटे तक चले मान मनौव्वल के बाद एसडीएम एवं अन्य अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद ग्रामीण जाम खोलने पर राजी हुए, जिसके बाद मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था सामान्य हो पाई।
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प्रशासन इस घटना से दुखी है। लोगों की डिमांड को देखते हुए पीड़ित परिवार को राजीव गांधी बीमा योजना के तहत आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। नौकरी के लिए प्रशासनिक स्तर पर डीसी रेट पर मदद करने का प्रयास किया जाएगा। डॉ. सतेंद्र दूहन, एसडीएम

दिल्ली पुलिस में ज्वाइन करना था शेष
जानकारी के अनुसार मृतक सुभाष ने दिल्ली पुलिस का टेस्ट पास कर लिया था। उसकी ज्वाइनिंग बाकी थी।

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