राज्य के पूर्व पुलिस प्रमुख रंजीव दलाल ने गांव मेहंदीपुर डाबोदा स्थित अपने पैतृक हवेली में रीड इंडिया ज्ञान केंद्र की स्थापना की है। इस केंद्र का उद्घाटन शुक्रवार को माइक्रोसाफ्ट के प्रबंध निर्देशक करण बाजवा ने किया।
इस मौके पर रोहतक रेंज के आईजीपी अनिल राव और अंतर्राष्ट्रीय बॉक्सर विजेंद्र भी मौजूद थे। इस कें द्र का उद्देश्य ग्रामीण, बच्चों, किशोरों व युवाओं के ज्ञान में वृद्धि करना है।
गांव मेहंदीपुर डाबोदा में हाइटेक लाइब्रेरी ...दादा रूप चंद रीड इंडिया ज्ञान केंद्र... की स्थापना का ग्रामीणों ने हृदय से स्वागत किया है।
गांव के निवासी संदीप, सरिता, धर्मवीर व राकेश ने कहा कि इससे गांव के बच्चों, किशोरों व युवाओं समेत सभी को फायदा होगा।
इस केंद्र के लिए पूर्व डीजीपी रंजीव दलाल ने अपनी पैतृक हवेली स्वयंसेवी संस्था रीड इंडिया को नि:शुल्क उपलब्ध कराई है।
इस केंद्र में बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक व रोचक पुस्तकों, बच्चों को खेल-खिलोनों से सिखाने, बड़ों के लिए लाइब्रेरी, वाचनालय, इंटरनेट सुविधा युक्त कंप्यूटर और टीवी देखने के लिए अलग-अलग कक्षों में व्यवस्था की गई है। सभी संसाधनों वाली माड्यूलर किचन भी केंद्र में बनाई गई है।
रोशनी के लिए अच्छा इंतजाम है। रीड इंडिया की कंट्री डायरेक्टर गीता मल्होत्रा और सलाहकार मंडल के सदस्य कल्पना दास गुप्ता ने बताया कि अब मेहंदीपुर डाबोदा समेत देश में रीड इंडिया के 14 केंद्र हो गए हैं।
हरियाणा में इसके अतिरिक्त मेवात जिले के छायंसा में संस्था अपना केंद्र चला रही है। मेहंदीपुर डाबोदा में केंद्र के उद्घाटन के बाद रंजीव दलाल ने कहा कि अब संस्था प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी अपनी सेवाओं का विस्तार करेगी।
माइक्रोसाफ्ट के एमडी करण बाजवा और बॉक्सर विजेंद्र दलाल ने भी संस्था के प्रयासों की सराहना की। विजेंद्र रीड इंडिया के ब्रांड एंबेसडर की जिम्मेदारी निभाएंगे।
माइक्रोसाफ्ट इंडिया के एमडी करण बाजवा ने कहा ‘आईटी में चाहिए प्रोफेशनल्स’
आईटी कंपनी माइक्रोसाफ्ट इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर करण बाजवा ने कहा कि भारत में आईटी सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ेंगी।
इसके लिए कुशल प्रोफेशनल्स तैयार करने की जरूरत है। बाजवा शुक्रवार को गांव मेहंदीपुर डाबोदा में रीड इंडिया ज्ञान केंद्र के उद्घाटन के बाद अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे।
यह ज्ञान केंद्र हरियाणा के पूर्व डीजीपी रंजीव दलाल की पैतृक हवेली में खोला गया है। करण बाजवा ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र का दुनिया में लगातार विस्तार हो रहा है। इस क्षेत्र में बहुत काम हो रहा है।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स का महत्व लगातार बढ़ेगा। घटने का सवाल ही नहीं। उन्हाेंने कहा कि दुनिया के लोग आईटी के महत्व को समझ रहे हैं और अब भारत में आईटी पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
हरियाणा के इंजीनियरिंग कालेजों में सीटें खाली रह जाने के कारणों के बारे में पूछने पर करण बाजवा ने कहा कि सीटें खाली रहने का मतलब यह नहीं है कि आईटी का महत्व घट रहा है और इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर घट रहे हैं।
इसका सीधा अर्थ यह निकाला जाना चाहिए कि सिर्फ डिग्री बेस्ड शिक्षा से काम नहीं चलेगा। डिग्री लेने मात्र से शिक्षा पूरी नहीं हो जाती। शिक्षा का इंडस्ट्री से ताल्लुक रखने की जरूरत है।
वो पढ़ाओ जो इंडस्ट्री को चाहिए। युवाओं में वोकेशनल स्किल पैदा करने की दिशा में निचले स्तर से ही प्रयास होने चाहिए।
बाजवा ने कहा कि हमारी सरकारों को भी इस दिशा में काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाएं भी इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
पूर्व डीजीपी रंजीव दलाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र तभी तरक्की कर सकते हैं जब वे आईटी के क्षेत्र में भी शहरी क्षेत्र के छात्राें का मुकाबला करने का प्रयास करें।