बैंक में लगी उपभोक्तओं की कतार
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जिले के बैंकों में बुधवार को दिसंबर में अब तक का सबसे अधिक कैश पहुंचा। बुधवार को जिले के बैंकों के लिए 14 करोड़16 लाख रुपये का कैश आया। इसके चलते बैंकों प्रबंधन ने कुछ राहत की सांस ली और ग्राहकों को भी अधिक संख्या में निपटाया गया। एक दिसंबर से लेकर अब तक केवल 8 से 11 करोड़ रुपये के बीच में ही कैश पहुंच रहा था। तीन दिन की छुट्टियों के बाद भी मंगलवार को जिले के बैंकों के लिए केवल 10 करोड़ रुपये आए थे। इसके चलते हालात सामान्य होने की बजाय बिगड़ रहे हैं, लेकिन बुुधवार को कैश की मात्रा बढ़ने के बाद से उम्मीद लगाई जा रही है कि कैश की संख्या में अब धीरे-धीरे इजाफा होगा, जिसे आम जन को राहत मिलेगी।
फिर भी नहीं चले एटीएम
बैंकों में भले ही बुधवार को कैश अधिक आया हो, लेकिन एटीएम के लिए कैैश को नाकाफी बताया गया। अधिकांश बैंकों के इक्का-दुक्का एटीएम को छोड़कर बाकी सभी एटीएम कैशलेस ही चल रहे हैं। एटीएम में कैश नहीं डाले जाने के कारण सबसे अधिक दिक्कत प्रवासी लोग झेल रहे हैं, जिनके खातों दूसरी जगहों पर हैं और वो पूरी तरह से एटीएम पर निर्भर हैं। ऐसे लोगों के सामने दिक्कत पैदा हो रही है कि वो किस तरह से अपने दैनिक खर्च चलाने के लिए कैश का इंतजाम करें।
सरकारी कर्मचारी को 10, आम आदमी के लिए चार हजार
बैंकों द्वारा सैलरी वीक सही ढंग से नहीं निपटने के चलते अब सरकारी कर्मचारियों के लिए छूट कर दी है कि वो एक बार में 10 हजार रुपये तक निकलवा सकते हैं। लीड बैंक पीएनबी द्वारा भी ऐसा किया जा रहा है। वहीं आम आदमी को केवल चार हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। बैंक प्रबंधनों का तर्क है कि सरकारी कर्मचारी हर रोज दफ्तर का काम छोड़कर लाइनों में नहीं खड़े रह सकते।
हालात जल्द सामान्य होने के आसार
बुधवार को 14 करोड़ 16 लाख रुपये कैश आया, जिसके चलते लोगों को राहत मिली। बैंकों में कैश अब अधिक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे हालात जल्द ही सामान्य होने के आसार हैं।
एलडी शर्मा, एलडीएम झज्जर