झज्जर में श्री प्राचीन रामलीला कमेटी के मैदान पर लक्ष्मण और परशुराम के बीच तीखे संवाद का मंचन किया गया। राम द्वारा धनुष तोड़ने के बाद यह दृश्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा।
झज्जर। बहादुरगढ़ रोड स्थित श्री प्राचीन रामलीला कमेटी के मैदान में वीरवार को लक्ष्मण व परशुराम संवाद, दशरथ व कैकेयी संवाद और राम ने कैकेयी से वन जाने की आज्ञा प्राप्त करने का मंचन किया गया। सीता स्वयंवर में राम ने भगवान शंकर का धनुष तोड़ दिए जाने के पश्चात परशुराम सभा में आ गए।
विज्ञापन
रामलीला मंचन में परशुराम ने क्रोधित होकर धनुष तोड़ने को लेकर पूछा तो लक्ष्मण ने कहा कि यह एक साधारण धनुष है। इसको लेकर इतना क्रोधित होने की आवश्यकता नहीं है। इस पर परशुराम का क्रोध और बढ़ गया। इस दौरान भगवान परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखा संवाद हुआ।
इसके बाद श्रीराम के हस्तक्षेप करने पर उन्हें श्रीराम के दिव्य रूप का बोध हुआ। इसके बाद कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने दो वचन मांगने का मंचन दिखाया गया। इसमें भरत के राजगद्दी और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास शामिल रहा। वहीं, बाद में श्रीराम ने कैकेयी से वन जाने की आज्ञा मांगी। अंत के मंचन में लक्ष्मण व सीता भी राम के साथ वन जाने के संवाद का दृश्य दिखाया गया।
विज्ञापन
वहीं, शहर के भगत चौक स्थित श्री विकास रामलीला क्लब में भी सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। इस दौरान भगवान राम ने भगवान शंकर का धनुष तोड़ा। वहीं, इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम के बीच धनुष तोड़ने को लेकर तीखे संवाद का मंचन किया गया।