डबल मर्डर के आरोपी राजीव उर्फ काला की पुलिस कस्टडी में हत्या करना आरोपियों के लिए इसलिए सॉफ्ट टारगेट रहा क्योंकि कैदी वैन कोर्ट परिसर से करीब 20 मीटर की दूरी पर खड़ी थी। कोर्ट परिसर की बाउंड्री वॉल से कैदी वैन तक की जो दूरी खुले में तय करनी थी, आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए उसे ही चुना। इस 20 मीटर दूरी को तय करने में बमुश्किल दो मिनट का ही समय लगना था। आरोपियों ने सोचा था कि वे यहां घटना को अंजाम देकर आसानी से भाग सकते हैं लेकिन किसी अन्य मामले में पहुंची बहादुरगढ़ सीआईए की मुस्तैदी के चलते आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दूसरे जिलों से पेशी के लिए लाए जाने वाले आरोपियों की गाड़ियां गार्द रूम की बाऊंड्री वॉल से काफी दूर पर ही खड़ी की जाती हैं, जो कि आरोपियों को खूब अच्छी तरह से पता था।
मृतक पर दर्ज हैं आठ मामले
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कस्टडी में मारे गए आसौदा सिवान के पूर्व सरपंच के खिलाफ कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें से 4 केवल मर्डर के हैं। 2016 में आसौदा गांव के सरपंच रामबीर और उसके पिता के डबल मर्डर में भी मृतक राजीव आरोपी था। इसी मामले में वह सुरक्षा कारणों के चलते अंबाला जेल में शिफ्ट किया गया था। बुधवार को भी वह इसी मामले की पेशी पर एएसजे हरबीर सिंह दहिया की कोर्ट में पेशी पर लाया गया था।
नजफगढ़ के हैं दोनों आरोपी
पुलिस ने मौके से पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान रोहित उर्फ दीपक निवासी नजफगढ़ और सिकंदर उर्फ रोहित निवासी बापड़ौली, नजफगढ़ के तौर पर की गई है। वहीं दोनों के पास दो देशी कट्टे बरामद किए गए हैं। पुलिस पूछताछ में दोनों के पुराने क्रिमिनल रिकार्ड के सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
घटना के तुरंत बाद दोनों आरोपियों को मौके से ही दबोच लिया गया। आरोपियों से दो हथियार बरामद किए गए हैं। वहीं दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है व पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद ही आरोपियों के पुराने रिकार्ड के बारे में पता लग पाएगा।
- राजीव, डीएसपी झज्जर।