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रोहतक-गोहाना ट्रैक पर बनेगा रेलवे का उड़ता जंक्शन

Sat, 16 Jul 2016 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बहादुरगढ़
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ग्रेड सेपरेटर - फोटो : demo
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रोहतक-गोहाना मार्ग पर ट्रेनें लेट होने का असर अब यात्रियों पर नहीं पड़ेगा। उन्हें जाम के झाम से बचाने के लिए उड़ता जंक्शन बनाया जाएगा। इससे इस लाइन की रेलवे फाटकों पर फंस जाने वाले सड़क यात्रियों का वक्त भी बचेगा। उत्तर रेलवे की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 315 करोड़ रुपये लागत आएगी। परियोजना के लिए शीघ्र ही कार्य शुरू होने की संभावना है। इस तरह का ग्रेड सेपरेटर दया बस्ती में भी बनाया जाएगा। जिससे बहादुरगढ़ के भी हजारों यात्रियों को लाभ होगा। 
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क्या है उड़ता जंक्शन
रेलगाड़ियों के आवागमन में देरी से बचने के लिए उत्तर रेलवे अब ग्रेड सेपरेटर जैसा विशेष प्रोजेक्ट लेकर आया है। इस परियोजना को उड़ता जंक्शन के नाम से भी पुकारा जाता है। एक रेलवे अधिकारी के मुताबिक, ग्रेड सेपरेटर वहां बनाया जाता है जहां दो अलग-अलग मार्गों के ट्रैक एक दूसरे को क्रास करते हों। रोहतक व दया बस्ती में ऐसी ही स्थिति है। इस हालत में यहां गाड़ियां 20 से 45 मिनट तक लेट हो जाती हैं। जिससे रेल यात्रियों और फाटकों पर फंसे वाहनों में सवार यात्रियों को बड़ी दिक्कत होती है।

रेलवे बाईपास का होगा विकल्प
ग्रेड सेपरेटर रोहतक में गोहाना रेल मार्ग बाईपास का विकल्प होगा। दरअसल, गोहाना लाइन रोहतक शहर के बीचोबीच गुजरती है। जिससे नगर वासियों को काफी परेशानी होती है। कई बार हादसों में लोगों की जान भी चली जाती है। इसलिए राज्य सरकार ने बाईपास बनवाने का मन बनाया था। इस योजना पर काम शुरू भी किया गया, लेकिन कई गांवों के किसानों ने रेलवे बाईपास के लिए जमीन देने से इंकार कर दिया। इससे बाईपास की संभावना खत्म हो गई। बताया गया है कि अब राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और रेलमंत्री सुरेश प्रभु के बीच हुई बातचीत के बाद रेलवे ने बाईपास के बजाय रेलवे सेपरेटर बनाने की योजना बनाई है।
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वर्ष 2018 तक बनाने का है लक्ष्य
अधिकारी ने बताया कि ग्रेड सेपरेटर के जरिए एक रेलवे लाइन को उपर गामी पुल (फ्लाईओवर) की तरह ऊपर से निकाल दिया जाता है। जिससे दोनों रूटों की गाड़ियां एक-दूसरे के मार्ग में बाधा नहीं बन पाती और रेल यात्रियों, सड़क यात्रियों व रेल कर्मचारियों समेत सभी का समय बच जाता है। रोहतक-गोहाना रेल लाइन ग्रेड सेपरेटर का निर्माण वर्ष-2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके निर्माण पर 315 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी चौड़ाई लगभग 12 मीटर रहेगी। इसके निर्माण से कई रेलवे क्रासिंग खत्म हो जाएंगी। 

लंदन में बना सबसे पहला ग्रेड सेपरेटर
रेल लाइन ग्रेड सेपरेटर से होने वाले फायदों के लिए इंग्लैंड में अनेक ग्रेड सेपरेटर बनाए गए हैं। सबसे पहला ग्रेड सेपरेटर साल 1897 में लंदन में बनाया गया था। इसको रेल विभाग लंदन ने फ्लाई जंक्शन (उड़ता जंक्शन) नाम दिया। इससे रेल विभाग और यात्रियों को बहुत सुविधा हुई। जिससे वहां जगह-जगह ग्रेड सेपरेटर बनाए गए। लंदन के अतिरिक्त कई दूसरे देशों में भी इस आइडिया का जमकर लाभ उठाया जा रहा है।

कंस्ट्रक्शन डिविजन बनाएगा
गोहाना लाइन पर ग्रेड सेपरेटर बनाना रोहतक के लिए एक बहुत बड़ा और अच्छा प्रोजेक्ट है। यह हरियाणा सरकार के प्रयासों से बनेगा। इसका निर्माण कार्य रेलवे का कंस्ट्रक्शन डिविजन करेगा। इससे रेल विभाग व रेल यात्रियों सहित सभी को सुविधा होगी।
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सुभाष सैनी, एईएन, उत्तर रेलवे
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