बादली। ठंड बढ़ते ही रजाई के दाम भी बढ़ गए हैं। रूई 160 से 200 रुपए किलो बिक रही है। मौसम की करवट के साथ ही रात के समय ठंड बढ़ने से लोगों ने सर्दी से बचने के अतिरिक्त इंतजाम करना शुरू कर दिए हैं। रजाई बाजार में रूई का भाव पूरे चरम पर पहुंच गया है।
एक सप्ताह से रजाई में रूई भरने, पिनाई की कीमतों सहित रूई, कपड़े व सिलाई के दाम में 15 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। रजाई बनाने का काम करने वाले शलीन ने बताया कि सर्दी की शुरुआत में ही लोगों ने घरों में रखी पुरानी रजाइयों को निकालकर उनकी रूई की पिनाई व भराई करवानी शुरू कर दी थी।
ऐसे में रजाई भरने के कारीगरों की भी मांग जोर पकड़ने लगी। लेकिन अब तापमान में गिरावट के साथ रजाई बाजार गर्म हो गया है।
बाजार में तीन किस्म की रूई उपलब्ध
इस बार बाजार में रूई की कीमत 150 रुपये से लेकर 250 रुपये प्रति किलो तक है जो रूई की गुणवत्ता व किस्म पर निर्भर करती है। बाजार में तीन किस्म की रूई उपलब्ध हैं जिसमें फाइबर, देसी और रॉक्लोन है। सबसे ज्यादा बिक्री देसी रूई की हो रही है।
दो हजार तक मिल रही रजाई
1500 से 2 हजार रुपए एक रजाई की कीमत है। सामान्य तौर पर एक रजाई में तीन किलो से लेकर पांच किलो तक रूई भरी जाती है। इसमें 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से रूई पिनाई की कीमत है। इसके अलावा 80 से 100 रुपये कीमत रजाई में धागे की भराई के लिए तय की गई है। कवर व कपड़े को मिलाकर एक रजाई का मूल्य 1500 रुपये तक हो जाता है।