कार्यक्रम को संबोधित करते भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़। संवाद
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झज्जर। सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) के हरियाणा के हिस्से का 19 लाख एकड़ फीट पानी देकर पंजाब सरकार को बड़ा दिल दिखाना चाहिए। पंजाब के किसान भाई हरियाणा के किसानों को अगर सही में अपना छोटा भाई मानते हैं तो यह सही मौका है कि पंजाब के किसान आगे बढ़कर बड़े भाई का दिल दिखाते हुए एसवाईएल नहर में पांच कस्सी मारकर खोदाई शुरू कर दें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने झज्जर में किसानों व पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित एसवाईएल के पानी को लेकर पं. श्रीराम शर्मा पार्क में सांकेतिक उपवास में भागीदारी करते हुए यह बात कही। वहीं सांसद डॉ. अरविंद शर्मा भी उपवास के दौर पार्क में पहुंचे और कार्यक्रम को संबोधित किया।
धनखड़ ने कहा कि आज प्रदेश भर में हरियाणा के किसान और भाजपा कार्यकर्ता मिलकर सत्याग्रह के माध्यम से यही आग्रह कर रहे हैं कि पंजाब सरकार और पंजाब के किसान भाई अपना बड़ा दिल दिखाएं। वे एसवाईएल से हरियाणा के हिस्से का पानी दें, ताकि हम भी अपने खेतों, जीवों और पशुओं की प्यास बुझा सकें। अगर इस जायज मांग पर कोई सवाल खड़ा करता है, वह व्यक्ति हरियाणा और हरियाणा के किसानों का हितैषी नहीं हो सकता। धनखड़ ने कहा कि आज किसान हितैषी सरकार है। पंजाब के किसान भाई अपनी मांगों को लेकर आए हैं। केंद्र सरकार ने उनकी बात खुले मन सुनी है और मानी भी है। केंद्र सरकार ने एमएसपी पर लिखित में देने की बात मान ली है। किसान भाईयों की सभी मांगों को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना गया और पूरा किया गया है।
किसानों को आंदोलन लेना चाहिए वापस
धनखड़ ने कहा कि आंदोलन की सभी मांगे माने जाने पर अब किसानों को भी अपना आंदोलन वापस ले लेना चाहिए। सरकार किसान हितैषी सोच का परिचय देते हुए आगे बढ़कर यह आश्वासन भी दिया है कि भविष्य में भी कोई बात किसान भाई लेकर आएंगे तो पूरी संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनी जाएगी और मानी जाएगी। मोदी सरकार के लिए अन्नदाता का हित ही सर्वोपरि है।
हुड्डा पर साधा निशाना
धनखड़ ने कहा कि भाजपा सरकारों ने कॉरपोरेट घरानों को एक एकड़ जमीन भी नहीं दी। जनता समझदार है और जानती है कि हरियाणा में किस कांग्रेसी नेता ने कॉरपोरेट घरानों को हजारों एकड़ जमीन कौड़ियों के भाव दी। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम हुड्डा फसल लागत मूल्य का डेढ़ गुणा मूल्य देने की अपनी रिपोर्ट अपनी ही सरकार में लागू नहीं करवा सके। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट घरानों को हजारों एकड़ जमीन कौड़ियों के भाव देने वाले और किसानों को फसल खराबे का अढ़ाई रुपये का चेक देने वाले अब किसान हितैषी होने का राजनीतिक ढोंग रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी सोच को आगे बढ़ाते समय और एसवाईएल से अपने हक का पानी लेने की मुहिम में राजनीति नहीं होनी चाहिए। ओच्छी राजनीति की वजह से ही कांग्रेस पिछले साढ़े चार दशक से हरियाणा के किसानों को एसवाईएल का पानी नहीं दिला सकी।