झज्जर। जिले के अस्पतालों में शुक्रवार को 11 लोगों की मौत हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से केवल चार मृतकों को रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो जिले में अब तक 112 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि नगर परिषद व नगर पालिकाओं के आंकड़ों को देखा जाए तो 19 अप्रैल से अब तक 111 लोगों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। यह तो शहरी क्षेत्र में जिन लोगों का अंतिम संस्कार हो रहा है वे आंकड़े हैं। लेकिन जिन लोगों का गांवों में संस्कार हो रहा है उनकी तो गणना ही नहीं है। हालांकि मृतकों में दूसरे स्थानों के लोग व जिले के लोग भी इनमें शामिल हैं। लेकिन विभाग आंकड़ों को क्यों नहीं दर्शा रहा है इसके पीछे केवल कमेटी की जांच रिपोर्ट आने की ही बात कही जा रही है। जबकि शवों का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार नगर परिषद व नगर पालिकाओं की तरफ से किया जा रहा है।
जिले में शुक्रवार को तीन स्थानों पर 11 लोगों की चिताएं जली। इनमें 6 लोगों का अंतिम संस्कार बहादुरगढ़ की श्मशान भूमि में, 4 लोगों का झज्जर में और एक का बेरी की श्मशान भूमि हैं अंतिम संस्कार किया गया है। मृतकों के परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी व अन्य सामान लेकर श्मशान भूमि पहुंच रहे थे। उनके शव श्मशान भूमि में पहुंचने के बाद नगर परिषद व नगर पालिका के कर्मचारी उनका अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
झज्जर, बेरी व बहादुरगढ़ नगर पालिका व नगर परिषद के कर्मचारियों ने 11 लोगों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रॉटोकॉल के तहत किया गया है। विभिन्न अस्पतालों से सूचना आने पर नगर परिषद के कर्मचारी अंतिम संस्कार के लिए भेजे जा रहे हैं।
- अरुण नांदल, ईओ नगर परिषद, झज्जर।
फिलहाल तक प्रशासन की तरफ से गठित की गई कमेटी की तरफ से चार लोगों की रिपोर्ट दी गई है। जिन लोगों की कोरोना से मौत हुई है उन मृतकों को सूची में शामिल किया गया है।
- डॉ. रणवीर सिंह, नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन, झज्जर।