बहादुरगढ़। अरावली पर्वत शृखला को बचाने और मरुस्थलीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के आह्वान पर मांडौठी गांव में संगठन के कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अरावली पर्वत क्षेत्र में 100 मीटर से कम ऊंचाई की पहाड़ियों में खनन की अनुमति देने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रतियां फूंकी और नारेबाजी की।
संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अनुशंसित और 20 दिसंबर 2025 को स्वीकृत अरावली की एक समान परिभाषा देश की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखला के लिए घातक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि अरावली मरुस्थलीकरण रोकने की प्राकृतिक ढाल है, जो जल पुनर्भरण, वन्यजीव संरक्षण और हरियाणा, राजस्थान, गुजरात व दिल्ली के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 100 मीटर ऊंचाई के आधार पर की गई परिभाषा अवैज्ञानिक है जिससे अरावली का बड़ा हिस्सा कानूनी संरक्षण से बाहर हो जाएगा और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अंधाधुंध खनन का अवसर मिलेगा। संगठन ने इसे जनविरोधी व कॉरपोरेट समर्थक कदम बताते हुए भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन का आह्वान किया। इस मौके पर रामधन, मोनू, सतीश, साधू पहलवान, रमेश, सोमबीर, भोलू, रामदिया, रामबीर, विजयपाल, प्रवीन, लीला, सोनू, दिनेश, कुलदीप, कालू, अशोक, बिट्टू, उमेद, सतपाल, तीर्थराम, अजय आदि मौजूद रहे।