सरकारी अस्पताल में आने वाली गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड निजी अस्पताल में कराए जाएंगे। इसके लिए सिविल अस्पताल प्रशासन ने दो निजी अस्पतालों के साथ अनुबंध किया है।
बता दें कि सरकारी अस्पताल के सोनोलोजिस्ट डॉ. सचदेवा 31 नवंबर को सेवानिवृत्त हो गए थे। इसके बाद से सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद हो गई थी। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासतौर पर गर्भवतियों को भी निजी केंद्रों में अल्ट्रासाउंड कराने पड़ रहे थे।
वहीं सिविल अस्पताल का निजी अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र के साथ भी अनुबंध खत्म हो गया था। अब सरकारी अस्पताल व निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र के बीच अनुबंध हो गया है। इस बार दो निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ अनुबंध किया गया है जिससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
ऐसे में अब सिविल अस्पताल में आने वाली गर्भवतियों के दोबारा से अल्ट्रासाउंड के लिए कमरा नंबर-8 में ही गर्भवतियों की पर्ची बनानी शुरू की गई है। अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर परचा भी चस्पा किया गया है ताकि मरीजों को पता लग सके।
सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के निजी केंद्र पर अल्ट्रासाउंड के लिए पर्ची बनाना शुरू कर दिया है। वहां पर गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड फ्री में होंगे। गर्भवतियों के अलावा अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड में किसी प्रकार की कोई राहत नहीं है।
अन्य मरीजों को बाहर केंद्रों से अल्ट्रासाउंड कराने पड़ रहे हैं। इस कारण उनको अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 900 से 1,000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।