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बिजली निगम की लापरवाही से अपंग हो गया उभरता पहलवान

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पीजीआई में उपचारधीन घायल विवेक। - फोटो : Bahadurgarh
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बिजली निगम की लापरवाही इस कदर किसी की जिंदगी बर्बाद कर सकती है, ये अंदाजा हाल ही में रोहद में हुए हादसे को देखकर लगाया जा सकता है। यहां एक 13 वर्षीय उभरता पहलवान लटकती हाइटेंशन तारों की चपेट में आ गया। इस हादसे में उसकी जान तो बच गई लेकिन वह 70 प्रतिशत अपंग हो गया। इस हादसे के दोषी बिजली निगम पर केस तो दर्ज हो गया है लेकिन परिजनों और ग्रामीणों में रोष बरकरार है। परिजनों ने बिजली निगम से 50 लाख मुआवजे, पढ़ाई का खर्चा और भविष्य में पीड़ित बच्चे को नौकरी देने की मांग की है।
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दरअसल, गांव रोहद के निवासी कपिल का बेटा 13 वर्षीय विवेक 25 जुलाई की शाम भैंसों को नहलाने के लिए ले जा रहा था। जब गांव की बणी में पहुंचा तो वहां नीचे लटक रही बिजली की हाइटेंशन तारों की चपेट में आ गया। हाथ, पांव, कमर व शरीर के कई अंग बुरी तरह से झुलस गए। ग्रामीणों ने देखा तो उसे संभाला और पीजीआई में भर्ती कराया गया। वहां विवेक की जान तो बच गई, लेकिन डॉक्टरों को उसका एक हाथ काटना पड़ गया। इस मामले में अब परिजनों की शिकायत पर आसौदा थाने में बिजली निगम के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। बेशक बिजली निगम पर केस दर्ज हो गया हो लेकिन परिजनों और गांव के लोगों में अभी भी रोष है। बच्चे के पिता कपिल, मामा विकास व प्रदीप आदि ने कहा कि गांव में लटकी हाइटेंशन लाइन की शिकायत कई बार बिजली निगम में की गई लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बिजली निगम की लापरवाही ने हमारे बच्चे की जिंदगी खराब कर दी। विवेक बजरंग पूनिया व सुशील कुमार जैसा पहलवान बनना चाहता था। इसलिए छह साल की उम्र से ही पहलवानी करने लगा था। अब कुछ दिनों बाद वे उसे दिल्ली के छत्रसाल अखाड़े में छोड़ने वाले थे लेकिन बिजली की हाइटेंशन लाइन ने विवेक और हमारे सपने पर ग्रहण लगा दिया। परिजनों की मांग है कि सरकार 50 लाख रुपये मुआवजा दे, पढ़ाई का खर्चा उठाए, साथ ही भविष्य में विवेक को नौकरी दे। उधर, आसौदा थाना प्रभारी बीर सिंह ने कहा कि उनके पास जो शिकायत आई थी उस आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है।
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