झज्जर। सड़क दुर्घटना में बेटे की मौत से शहर के छिकारा चौक निवासी पूनम पर गमों का पहाड़ टूट गया। चार साल बाद ही पति का भी निधन हो गया । इसके बाद वह बुरी तरह टूट गई लेकिन हौसला नहीं खोया। उन्होंने समाज सेवा को अपना मकसद बनाया और जरूरतमंदों की शिक्षा के लिए जुट गईं। दिव्यांग बच्चों को निस्वार्थ पढ़ा रही हैं। पौधरोपण, रक्तदान शिविर जैसे कई आयोजनों से समाज सेवा में जुटी हैं।
शहर के छिकारा चौक निवासी पूनम देशवाल का कहना है कि वह जो कर रही है वह समाज सेवा के लिए पर्दे के पीछे रहकर करना चाहती है और गरीब व जरूरतमंद लोगों कि हर समय सहायता का प्रयास कर रही हैं। वे शहर के सवेरा स्कूल में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पिछले 6 साल से मुक्त शिक्षा देने के साथ-साथ अन्य गतिविधियां भी करवा रहे हैं। शहर के दिकासरा चौक पर उनकी दुकानें हैं। इन दुकानों से आने वाले किराये से घर का काम चलाने के अलावा समाज सेवा में खर्च करती रहती हैं।
उनका कहना है उनके बेटे अक्षय का निधन 10 अगस्त 2016 को सड़क दुर्घटना में हो गया था। चार साल बाद 19 जून 2020 को उनके पति भी दुनिया छोड़ गए। दोनों के जाने के बाद समाज सेवा ही उनका मकसद हो गया। बेटे के निधन से पहले वह एक निजी स्कूल में शिक्षिका की नौकरी करती थी । उसके बाद वह नौकरी छोड़कर सवेरा स्कूल में विशेष जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा दे रही हैं। शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल, योगा आदि भी इन बच्चों को सिखाती हैं। बच्चों को कपड़े और अन्य जरूरत की चीजें भी अपने खर्च पर उपलब्ध करती रहती हैं।
गोशाला में बीमार गायों के लिए सर्दी के मौसम में कंबल उपलब्ध कराना, पौधारोपण, रक्तदान शिविरों का आयोजन कराने में उनका सहयोग रहता है। 2016 से अन्नपूर्णा रसोई में हर माह राशन देने का काम भी पूनम देशवाल कर रही हैं। इंडेप्थ विजन फाऊंडेशन के साथ मिलकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण बचाओ, जल बचाओ, स्वास्थ्य, वृक्ष लगाओ आदि जागरूक कार्यक्रम, योग शिविर, हेल्थ चेक अप कैंप आदि में भी सहयोग देती रहती हैं। फाऊंडेशन के साथ मिलकर झज्जर जिले में इस बार लगभग 800 से ज्यादा पौधे लगाए हैं।