संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। बारिश के पानी की निकासी के इंतजाम न होने के कारण गांव रिवाड़ी खेड़ा में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। गांव के चारों तरफ ही नहीं, बल्कि गलियों में भी पानी घुस गया है। अभी तो बरसात के मौसम का एक सप्ताह ही गुजरा है, बाकी सीजन में भी इसी तरह बारिश होती रही तो न केवल हरेक गली में, बल्कि घरों में भी पानी घुस जाएगा। गांव के सरपंच ने तीन-चार दिन तक मदद के लिए प्रशासन के दरवाजों पर दस्तक दी, लेकिन अधिकारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।
अधिक बारिश के चलते करीब 4000 आबादी वाले गांव रिवाड़ी खेड़ा में पांच दिन से जलभराव की समस्या बढ़ती जा रही है। पहले गांव का छोटा तालाब ओवरफ्लो हुआ। इसमें से पानी गांव से छुड़ानी वाले रास्ते के साथ बड़े तालाब में जाता है। यह तालाब भी ओवरफ्लो हो गया और इसके साथ आठ एकड़ के ऑक्सीजन पार्क में पानी भरने से बड़ा तालाब और यह पार्क भी एक बड़ी झील नजर आने लगा। ऑक्सीजन पार्क के हजारों पौधे व वृक्ष खराब हो रहे हैं।
गांव निवासी मंदीप दलाल ने बताया कि ओमप्रकाश नंबरदार वाली गली, कुलदीप दरोगा वाली गली और सुभाष पुत्र दलीप सिंह वाली गली में पानी घुस गया है। यहां अपने घरों रहने वाले बच्चों का घरों से बाहर अपनी गलियों में निकलना मुश्किल होता जा रहा है। पूर्व सरपंच समंदर ने बताया कि गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैदान में भी पानी भर गया है। खेतों में पानी भरने से फसलें व चारा नष्ट हो गया है।
पानी की निकासी के लिए ड्रेन के साथ कहीं भी व्यवस्था नहीं की गई। दूसरा गांव के तमाम किसानों ने अपने खेतों में मिट्टी उठवा दी। गांव वासी अध्यापक अनूप सिंह दलाल ने बताया कि गांव में भूजल स्तर ऊपर है और यह भी जलभराव का कारण है। गांव के साथ से केजीबी (कुलताना-गंगड़वा-बाकरगढ़) ड्रेन गुजरती है।
पानी को पंप करके केजीबी ड्रेन में डाल दिया जाए तो यह नजफगढ़ नाले में होकर यमुना नदी में जा सकता है। प्रशासन ने तो जिम्मेदारी ग्राम पंचायत पर छोड़ दी है। प्रशासन का कहना है कि पंचायत के पास पंप व पाइप खरीदने का अधिकार है, वो खरीद लें, लेकिन पंचायत के खाते में इतना पैसा नहीं है कि उससे जरूरत का पांच फीसदी भी सामान खरीदा जा सके। ग्राम सरपंच ने अब पड़ोसी गांव छारा की पंचायत से मदद मांगी है। छारा पंचायत ने रिवाड़ी खेड़ा पंचायत को बड़ा पंप सेट और छह इंच व्यास वाले 20-20 फीट लंबे कुछ पाइप उपलब्ध करवाए हैं। अभी करीब तीन एकड़ लंबाई वाले पाइपों की और जरूरत है।
अपने गांव से पानी की निकासी के लिए हम चार दिन से सरकारी दफ्तरों से मदद मांग रहे हैं। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय गए। झज्जर में सिंचाई विभाग की मेकेनिकल शाखा में गए। यहां किसी कर्मचारी का व्यवहार ही ठीक नहीं रहा। कार्यकारी अभियंता ने फोन नहीं उठाया। कई बार उनके ऑफिस जाने के बाद उनसे मुलाकात हो पाई, लेकिन फिर भी उन्होंने कोई मदद नहीं की। अब छारा पंचायत ने सहायता की है।
-रणबीर, सरपंच, ग्राम पंचायत रिवाड़ी खेड़ा।