झज्जर। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के स्टेज-2 के तहत लगाए गए सभी प्रतिबंधों को जिले में सख्ती से लागू किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी औद्योगिक इकाई, संस्था, विभाग या व्यक्ति प्रदूषण नियंत्रण मानकों का उल्लंघन करेगा, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कहा कि वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में प्रदूषण नियंत्रण के लिए व्यापक व प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने बहादुरगढ़ क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एसडीएम बहादुरगढ़ नसीब कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो सभी विभागों के समन्वय से इन उपायों की सख्ती से निगरानी करेंगे।
उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शलेंद्र अरोड़ा को निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के अधिकारियों को समूह में शामिल कर यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नगर आयुक्त डॉ. सुशील मलिक ने बताया कि नगर परिषद झज्जर और बहादुरगढ़ में एंटी स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलिंग के माध्यम से सड़कों और पेड़ों पर धूल नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है।
नगर परिषद की टीमें प्रतिदिन सड़कों की मैकेनिकल सफाई, वाटर स्प्रिंकलिंग और कचरा उठाने का कार्य कर रही हैं ताकि धूल व प्रदूषण के स्तर को न्यूनतम रखा जा सके। डीसी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और शहरी स्थानीय निकायों की टीमें लगातार फील्ड निरीक्षण कर रही हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्रदूषण नियंत्रण उपायों की अनुपालना में प्रशासन का सहयोग करें।
स्टेज-2 के तहत मुख्य पाबंदियां व कार्रवाइयां
- सड़कों की नियमित मैकेनिकल सफाई और वाटर स्प्रिंकलिंग
- निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों की सख्त निगरानी
- होटल, ढाबों और खुले खाद्य स्थलों पर कोयला व लकड़ी का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित
- डीजल जनरेटर का उपयोग केवल आवश्यक सेवाओं तक सीमित
- खुले में कचरा या बायोमास जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
- निजी वाहनों के अत्यधिक उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाना
- निर्माण और विध्वंस गतिविधियों में धूल नियंत्रण मानकों की सख्त पालना