बादली। चौधरी धीरपाल राजकीय महाविद्यालय की प्लेसमेंट सैल की ओर से भौगोलिक सूचना तंत्र एवं सूचना प्रौद्योगिकी में आई क्रांति पर विस्तार व्याख्यान किया गया। प्राचार्य आनंद कादयान ने छात्रों को बताया कि भौगोलिक सूचना तंत्र के विकास के पहले यह सभी कार्य मानवीय स्तर पर किये जाते थे जिसमें न केवल बहुत समय एवं पूंजी लगती थी। आज भारतीय मात्स्यिकी संसाधन, प्रदूषण, अत्याधिक दोहन और आवासीय आवश्यकता के कारण समस्याएं बनी हैं। इनका समाधान भौगालिक स्तर पर किया जाना जरूरी हो गया है। कार्यक्रम में डॉक्टर पूनम भी मौजूद रहीं।