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ढाकला में धनखड़ को मिली 922 की लीड, सुरेेहती में हुई 903 की हार

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विधानसभा चुनाव के दौरान दिग्गजों का अपने गांव में ही एकतरफा माहौल नहीं रहा। बादली विधानसभा में विधायक चुने गए कुलदीप वत्स व दो नंबर पर रहे भाजपा के दिग्गज नेता ओपी धनखड़ को अपने-अपने गांव में भी नाराजगी झेलनी पड़ी। हालांकि वोट प्रतिशत के हिसाब से कुलदीप वत्स के गांव में कम नाराजगी तो ओपी धनखड़ को खुद के गांव में अधिक नाराजगी झेलनी पड़ी। ओपी धनखड़ को पैतृक गांव ढाकला में 1560 वोट मिले, कुलदीप वत्स को यहां 638 व जेजेपी को 139 वोटों संतोष करना पड़ा। ऐसे में यहां पर ओपी धनखड़ ने 922 वोट की लीड हासिल की। वहीं कुलदीप वत्स के पैतृक गांव सुरेहती में कुलदीप को 1148, ओपी धनखड़ को 245 व जेजेपी के संजय कबलाना को यहां 299 वोट, जो कि मंत्री से भी अधिक रहे। कुलदीप को यहां ओपी धनखड़ के मुकाबले 903 वोट अधिक मिले।
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शहर में नहीं बदला है अभी भी रुझान
झज्जर शहर में गीता भुक्कल को करीब साढे़ तीन हजार वोट से हार का सामना करना पड़ा। लोकसभा चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा की झज्जर शहर से करीब साढे़ छह हजार से हार हुई थी, उस समय मुकाबला आमने-सामने का था। वहीं विधानसभा चुनाव में शहर से करीब 2100 वोट एलएसपी तो 800 वोट जेजेपी व करीब इतने ही बसपा व अन्य के खाते में गए। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि शहर में रुझान अभी भी लोकसभा जैसा ही है लेकिन दूसरे प्रत्याशियों ने गीता भुक्कल की हार का अंतर कम कर दिया।
कबलाना से बिरधाना बेल्ट में मिली गीता को मजबूती
पांच हजार से घटती-बढ़ती लीड ने गीता भुक्कल को एक बार परेशानी में डाल दिया था, लेकिन जैसे ही शहर की गिनती पूरी होने के बाद कबलाना से बिरधाना बेल्ट की गिनती आई तो गीता भुक्कल की जीत का अंतर बढ़ता ही चला गया। वहीं इसके बाद जाखड़ खाप के क्षेत्र में भाजपा डाउन होती चली गई तथा जेजेपी का प्रत्याशी मुकाबले में आने लगा। इसी का परिणाम रहा कि गीता भुक्कल को 14,999 से जीत मिली।
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