बहादुरगढ़। 1 जुलाई से लागू हो रहे नए कानूनों में टेक्नालॉजी पर काफी जोर दिया जा रहा है। क्राइम एंड क्रिमिनल टै्रकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) को अपग्रेड किया जा रहा है। बहादुरगढ़ के लगभग 120 पुलिस कर्मचारियों को पीटीसी सुनारिया में ट्रेनिंग देने का कार्य किया जा रहा है। नए कानून में पुलिस तकनीकी रूप से मजबूत होगी और इसी तकनीक के सहारे पुलिस आपराधियों पर कहर बनकर टूटेगी।
नए कानून में किसी भी सर्च और सीजर की वीडियोग्राफी जरूरी की गई है। इसके लिए ऐप बनाए गए हैं। थानों में एफआईआर की प्रेक्टिस जारी है। स्टाफ को ऐप डाउनलोड कराए गए हैं। पुलिस उपायुक्त बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा ने बताया कि 30 जून तक सभी पुलिस कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी हो जाएगी। नई व्यवस्था में पुलिस तकनीकी रुप से दक्ष होगी। तकनीकी संसाधन बढेंगे और इनकी मदद से बदमाशों को ट्रैस करना आसान होगा। साइबर सैल और सर्विलास सिस्टम इतना मजबूत होगा कि अपराधी ज्यादा दिन पुलिस पकड़ से दूर नहीं रह सकेंगे।
ऑन कैमरा लिए जाएंगे बयान
आरोपी कैमरे के सामने अपने अपराध से जुड़ी हर चीज के लिए मना करेगा। वह अपने गुनाह को आसानी से नहीं कबूलेगा। ऐसे में वीडियो बनाते समय इकबालिया बयान और अपराध को लेकर विरोधाभास की स्थिति बनी रह सकती है। न ही आरोपी जब्ती दिखाने के लिए हा भरेगा। न ही ऑन कैमरा रिकवरी करवाने को तैयार होगा। क्राइम सीन पर कोई भी पब्लिक विटनेस पहले भी आसानी से बयान देने का तैयार नहीं होता था। हालांकिअगर किसी महिला को पकड़ा जाता है और वह अपने कपड़ों में छिपाकर ड्रग्स लेकर आ रही है तो इस केस में भी प्रोसीजर वही है कि लेडी स्टाफ उसकी मौके पर ही तलाशी लेगी और रिकार्डिंग की जाएगी। दुविधा यह कि क्या महिला आरोपी के मामले में इस नियम मेंलागू रहेगा।
वर्जन...
बहादुरगढ़ में लगभग 120 पुलिस कर्मचारियों का प्रशिक्षण सुनारिया में चल रहा है। 30 जून तक सभी का प्रशिक्षण पूरा हो जाएगी। मोबाइल फोन में ऐप भी डाउनलोड कराए जा रहे हैं। क्राइम एंड क्रिमिनल टै्रकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम को अपग्रेड किया गया है।
-मयंक मिश्रा, पुलिस उपायुक्त, बहादुरगढ़।