वापस अपने घर की तरफ जाते श्रमिक।
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लॉकडाउन के चलते श्रमिकों का पलायन जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को भी बहादुरगढ़ से करीब 8-10 मजदूर अपने शहर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर पैदल ही निकल पड़े थे। जब श्रमिक दिल्ली सीमा पर टिकरी बॉर्डर पर पहुंचे तो वहां तैनात पुलिस ने उन्हें लौटा दिया। फिलहाल मजदूर अब बहादुरगढ़ में बनाए गए शेल्टर होम में अपना समय गुजार रहे हैं। सभी श्रमिक बहादुरगढ़ में कसार गांव में स्थित सोमानी फैक्टरी में काम करते हैं। मजदूरों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा उन्हें 25 मार्च को केवल 500 रुपये दिए गए थे। अब वे अपना गुजर-बसर कहां से करें। इसलिए वे अपने घर जा रहे थे।
उत्तर प्रदेश के शहजानपुर जिले के रहने वाले श्रमिक आशीष, अक्षय, विजय कुमार, राजेंद्र, अनिल व विश्राम ने बताया कि वह बहादुरगढ़ में पिछले कई वर्षों में से रह रहे थे और यहीं पर सोमानी टाइल फैक्टरी में ठेकेदार के मातहत कार्य करते थे। अब सभी फैक्टरियां बंद हो गई हैं और उनकी फैक्टरी में भी काम बंद हो गया है। अब वे यहां रहकर क्या करेंगे। जब उनके पास काम ही नहीं है तो। उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि पूरे देश में कोरोना वायरस के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉकडाउन किया हुआ है। मगर वे अपने घर पैदल ही जा रहे थे। उन्हें टिकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने वापस भेज दिया। अब वे काफी परेशान हैं। यहां पर उन्हें अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कमरे पर भी कई-कई लोग इकट्ठे रहते हैं।