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युवती से दुष्कर्म केस में किसान नेता जसबीर कौर और राजेंद्र सिंह दीपवाला से पुलिस ने की पूछताछ

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बहादुरगढ़। शहर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ने वाली किसान आंदोलनकारी पश्चिम बंगाल की युवती से दुष्कर्म के केस की जांच के दौरान पुलिस ने बुधवार को किसान नेता जसबीर कौर और राजेंद्र सिंह दीपवाला से महिला थाना बहादुरगढ़ में पूछताछ की।
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महिला थाना बहादुरगढ़ में एसआईटी ने डीएसपी पवन कुमार के निर्देशन में किसान नेता जसबीर कौर और राजेंद्र सिंह दीपवाला से कई सवाल पूछे। जसबीर कौर ने बताया कि मैं 26 को इलाज के लिए भर्ती करवाने के साथ ही अस्पताल में युवती को संभालने के लिए पहुंच गई थी और 30 अप्रैल तक युवती के इलाज में मदद की। इस बीच मैंने युवती से पूछा तो उसने बताया कि अनिल मलिक ने गाड़ी में उसके साथ छेड़छाड़ की। पुलिस ने जसबीर कौर से पूछा कि केस के छह आरोपियों में से योगिता ने आपको क्या-क्या बताया। इस पर जसबीर ने कहा कि योगिता ने 19 या 20 अप्रैल को उन्हें बताया था कि किसान सोशल आर्मी वालों ने बंगाल की एक युवती के साथ ट्रेन में छेड़छाड़ की है। दुष्कर्म की बातों से योगिता ने इनकार किया। युवती की ओर से शिकायत दिलाने की बात पर योगिता ने कहा कि वह शिकायत देने को तैयार नहीं है।
युवती की मृत्यु के बाद भी आपने उसके साथ हुई छेड़खानी आदि की शिकायत पुलिस को क्यों नहीं की। इस पर जसबीर कौर ने कहा कि शुरुआत में युवती ने छेड़छाड़ की बात नहीं बताई। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने छेड़छाड़ की बात बताई, लेकिन उस वक्त हमारी प्राथमिकता युवती को बचाने की थी। मृत्यु के बाद भी पुलिस को शिकायत नहीं करने के सवाल पर जसबीर ने कहा कि मृत्यु के बाद युवती के पिता आ गए थे। पुलिस ने कहा कि अब युवती के पिता के हिसाब से ही पुलिस कार्रवाई की जाएगी। बेटी का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार करते हुए पीड़ित पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने किसान मोर्चा पर किसी तरह की आंच न आने देने के लिए कार्रवाई नहीं करवाने की बात कही थी।
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किसान नेता राजेंद्र सिंह दीपवाला से भी पुलिस ने कई सवाल किए। राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह कई दिन के बाद पंजाब से 25 अप्रैल को यहां आए थे। पता लगा कि बंगाल से आई युवती बीमार है। 30 को युवती की मौत हो गई तो अस्पताल गए। युवती के पिता से बात हुई। पोस्टमार्टम के लिए उन्होंने इनकार कर दिया। अंत्येष्टि हो गई। पिता ने बताया कि उनकी बेटी आंदोलन में आई थी और उन लोगों ने बेटी से बदतमीजी की है। कार्रवाई के लिए कहने पर उन्होंने कहा कि उनकी बेटी वह चाहती थी कि आंदोलन की छवि को कोई नुकसान न पहुंचे।
राजेंद्र सिंह के मुताबिक, मृत्यु से तीन दिन पहले पीड़ित पिता ने उन्हें कहा कि उनकी बेटी को पीली पगड़ी पहनने का चाव है। इस पर उन्होंने अपनी पीली पगड़ी युवती को दे दी। जोगिंदर सिंह ने पिता को कहा कि आप लोग बंगाल जाओ तो ट्रेन से परेशान हो जाओगे, हवाई जहाज के टिकट बुक करवा देते हैं, लेकिन पिता ने कहा कि कोई बात नहीं, हम आपको बता देंगे। पुलिस द्वारा खुद से पूछताछ करने का कारण पूछने पर उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को जब वह अस्पताल में थे तो योगिता ने उनसे बातचीत की थी और पुलिस ने जब योगिता से पूछताछ की तो योगिता ने पुलिस को बता दिया कि मैंने 17 अप्रैल को राजेंद्र सिंह को फोन कर बंगाली युवती के बारे में बताया था। राजेंद्र सिंह ने कहा कि उस वक्त मैं पंजाब में था और मैंने योगिता को मेट्रो पिलर 775 के पास हमारे कैंप में मंगा सिंह को सारी बात बताने के लिए कहा, लेकिन योगिता उनके कैंप में नहीं गई।
एसआईटी के सदस्य शहर थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि जसबीर कौर और राजेंद्र सिंह दीपवाला से हुई पूछताछ में मिले जवाबों से केस की जांच में मदद मिलेगी। चार आरोपियों की अभी तलाश की जा रही है। जांच में सहयोग के लिए वांछित कविता अभी पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुई है।
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