पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने उन व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखने को कहा, जिनकी आर्थिक स्थिति उनकी वैध आय के अनुरूप नहीं है। उन्होंने बताया कि ऐसे व्यक्तियों पर विशेष नजर रखना आवश्यक है, जिनके पास स्पष्ट कमाई का कोई साधन न होने के बावजूद वे ब्रांडेड कपड़े पहनते हैं, महंगे गैजेट रखते हैं और अपने शौक बड़े स्तर पर पूरे करते हैं। बिना वैध आय के ऐसा कर पाना अपराध से जुड़े होने का संकेत हो सकता है। ऐसे लोगों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखकर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पुलिस की भूमिका और अधिक जिम्मेदार तथा संवेदनशील हो गई है, इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आमजन को सुरक्षा का भरोसा महसूस हो और अपराधियों में कानून का भय बना रहे। उन्होंने कहा कि वे लोगों को अपने किराएदारों की अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के लिए जागरूक करें।
कई बार बिना वेरिफिकेशन के किराएदार रखने से आपराधिक तत्व आवासीय क्षेत्रों में आसानी से छुप जाते हैं, जिससे सुरक्षा चुनौती बढ़ जाती है। इसलिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए उन्हें इस प्रक्रिया के महत्व के बारे में बताया जाए। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय जसलीन कौर, पुलिस उपायुक्त झज्जर लोगेश कुमार, पुलिस उपायुक्त बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा, पुलिस उपायुक्त क्राइम अमित दहिया मौजूद रहे।
जिले में पैट्रोलिंग बढ़ाने के दिए निर्देश
उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी ढंग से गश्त (पैट्रोलिंग) बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित गश्त न केवल अपराधों पर अंकुश लगाती है बल्कि पुलिस की उपस्थिति से लोगों को सुरक्षित महसूस होता है। बहादुरगढ़ का दिल्ली से सटा हुआ होना सुरक्षा के लिहाज से अति विशेष सतर्कता की मांग करता है। इसलिए दिल्ली सीमा से आने-जाने वाले वाहनों की विशेष जांच की जाए और संदिग्ध व्यक्तियों की गहन पूछताछ की जाए।
भय पैदा करने वालों पर कार्रवाई
उन्होंने ऑपरेशन ट्रेक डाउन के तहत आदतन अपराधियों और समाज में भय पैदा करने वाले व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग दूसरों के जीवन को खतरे में डालते हैं, इसलिए इन पर नजर रखते हुए तुरंत गिरफ्तारी की प्रक्रिया अपनाई जाए।उन्होंने कहा कि गांव के मौजूदा विश्वसनीय व्यक्तियों से निरंतर संपर्क रखा जाए ताकि नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की जानकारी समय रहते मिल सके, ऐसी सूचनाओं के आधार पर तुरंत छापेमारी कार्रवाई की जाए।