-फोटो 66 : बहादुरगढ़ में स्थित नागरिक अस्पताल। संवाद
बहादुरगढ़। तेज बुखार और सांस फूलना निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। कोरोना महामारी के बाद युवा निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने बताया कि निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है जो किसी भी उम्र में हो सकता है। नागरिक अस्पताल में सप्ताह में 10-12 लोग निमोनिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
इस बार निमोनिया से अभी तक कोई मौत नहीं हुई है। कोविड से पहले निमोनिया 60 साल से अधिक उम्र के मरीज को गंभीर करता था। बदले समय के साथ 25 से 35 साल के युवा इससे गंभीर हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण ने फेफड़ों को कमजोर बना दिया। बदलते मौसम में सावधान रहने की जरूरत है। जैसे-जैसे ठंड और बढ़ेगी, खतरा और बढ़ेगा।
12 नवंबर को मनाया जाता है विश्व निमोनिया दिवस
लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है। फेफड़ों में सूजन या पानी भर जाने की स्थिति को निमोनिया कहते हैं। उन्होंने बताया कि निमोनिया यानी बैक्टीरियल निमोनिया का मुख्य इलाज एंटीबायोटिक्स दवाएं हैं। यह बीमारी का कारण बने हुए जीवाणु पर कार्य करती हैं।
निमोनिया के ये हैं प्रमुख लक्षण
तेज बुखार, खांसी व बलगम, सीने में दर्द, सांस फूलना, कुछ मरीजों में दस्त, मतली और उल्टी, व्यवहार में परिवर्तन जैसे मतिभ्रम, चक्कर, भूख न लगना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, सर्दी लगकर शरीर ठंडा पड़ जाना, सिरदर्द और चमड़ी का नीला पड़ना आदि हैं।