फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhajjar-Bahadurgarh News: नए डीजल एलजीवी और तिपहिया वाहनों पर रोक की तैयारी, 2028-29 तक पूरे एनसीआर में लागू होगा नियम

विज्ञापन
फोटो-51: टीकरी बार्डर पर सड़क पर जमा मिट्‌टी पर वाहन गुजरने से उठती धूल। संवाद
विज्ञापन
बहादुरगढ़। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए डीजल और पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की सिफारिश की गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की विशेषज्ञ समिति ने 18 अगस्त 2026 को सौंपी अंतरिम रिपोर्ट में दिल्ली में 2027 से और गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद व गौतमबुद्ध नगर में 2028 से नए तिपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक करने का प्रस्ताव दिया है। आयोग ने बुधवार को रिपोर्ट सार्वजनिक की।
विज्ञापन

रिपोर्ट में 31 दिसंबर 2026 तक डीजल तिपहिया वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की सिफारिश की गई है। झज्जर सहित एनसीआर के बाकी जिलों में 2029 से नए तिपहिया वाहनों के पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक करने का प्रस्ताव है। समिति ने 3.5 टन तक वजन वाले हल्के मालवाहक वाहनों (एलजीवी) के लिए भी चरणबद्ध बदलाव की सिफारिश की है।
दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से नए एलजीवी का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक करने और अधिक वाहन घनत्व वाले जिलों में इसे 1 जुलाई 2027 से लागू करने का प्रस्ताव है। शेष एनसीआर में यह व्यवस्था 2028 से लागू करने की सिफारिश है। यहां इलेक्ट्रिक के साथ सीएनजी विकल्प रखने का सुझाव दिया गया है।
विज्ञापन

समिति ने वाहन, निर्माण कार्य, कचरा जलाने, औद्योगिक गतिविधियों और पराली जलाने को प्रदूषण के प्रमुख स्रोत बताया है। रिपोर्ट में करीब छह करोड़ एनसीआर निवासियों के स्वास्थ्य पर प्रदूषण के प्रभाव का उल्लेख करते हुए परिवहन क्षेत्र में समयबद्ध बदलाव की जरूरत बताई गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग ढांचे, वित्तीय व्यवस्था और अधिक भार व लंबी दूरी वाले मॉडलों की उपलब्धता को प्रमुख चुनौतियां बताया गया है।
पुराने वाहनों को भी चरणबद्ध हटाने की सिफारिश
समिति ने बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 वाहनों को तत्काल हटाने का सुझाव दिया है। बीएस-4 वाहनों को 2030, बीएस-6 दोपहिया वाहनों को 2035 और बीएस-6 चारपहिया वाहनों को 2040 तक चरणबद्ध तरीके से हटाने का प्रस्ताव है। 2026 की सर्दियों से बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध शुरू करने की सिफारिश भी की गई है।
2030 तक नई निजी कारें शून्य-उत्सर्जन करने का प्रस्ताव
रिपोर्ट में 2030 तक नए निजी चारपहिया वाहनों की बिक्री को 100 प्रतिशत शून्य-उत्सर्जन वाहन करने की सिफारिश की गई है। इलेक्ट्रिक ऑटो की खरीद पर 50 हजार और इलेक्ट्रिक दोपहिया पर 30 हजार रुपये तक प्रोत्साहन देने का सुझाव है। चार्जिंग ढांचे के विस्तार के लिए ‘चार्ज करने का अधिकार’ कानून बनाने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
एनसीआर में नए एलजीवी में डीजल की हिस्सेदारी
रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में नए एलजीवी में सीएनजी की हिस्सेदारी 95 प्रतिशत से अधिक, जबकि पूरे एनसीआर में करीब 70 प्रतिशत है। इसके बावजूद अधिक वाहन घनत्व वाले जिलों में करीब 25 प्रतिशत और शेष एनसीआर में 50 प्रतिशत नए एलजीवी अभी भी डीजल से चलते हैं। दिल्ली में नए वाहनों में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी करीब सात प्रतिशत बताई गई है।
विज्ञापन

-
फाटो...51.
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें