झज्जर। गुरुग्राम से आई टीम अब तक उत्पाती बंदर को नहीं पकड़ सकी है। टीम नगर परिषद से बंदर को बेहोश करने वाली दवा के इस्तेमाल को लेकर अनुमति लेगी। शहर में बंदर के काटने से लोग परेशान हैं। नगर परिषद ने बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया था।
शहर से अब तक अलग-अलग जगहों से करीबन 200 बंदराें को पकड़ा जा चुका है, लेकिन शहरवासी एक उत्पाती बंदर से ज्यादा परेशान हैं। इसको अब तक नहीं पकड़ा गया है। इस बंदर को पकड़ने के लिए गुरुग्राम से स्पेशल टीम भी आई थी।
स्पेशल टीम के हाथ भी बंदर नहीं आ सका। इसको पकड़ने के लिए अब आगरा से मंगाई जाने वाली बेहोश करने की दवा का इस्तेमाल किया जाएगा। इसको लेकर नगर परिषद से अनुमति ली जाएगी। इसके बाद ही उत्पाती बंदर को पकड़ा जाएगा।
उत्पादी बंदर को पकड़ने के बाद बंदरों की पेमेंट हो पाएगी। अब तक पकड़े गए बंदरों की पेमेंट भी नही हुई है।
दवा की डोज हैवी, अभी नहीं किया इस्तेमाल
इंचार्ज कुलदीप ने बताया कि आगरा से मंगाई जाने वाली बंदर को पकड़ने के लिए दवा की डोज हैवी है। इससे बंदर को भी नुकसान हो सकता है। इसके चलते अभी तक इस दवा का इस्तेमाल नहीं किया गया है। अनुमति मिलने के बाद उत्पाती बंदर को पकड़ने के लिए इस बंदर का इस्तेमाल किया जाएगा।