बस कह दिया मदद नहीं चाहिए, आप जाओ यहां से। हम बहुत खुश हैं। उस दिन कहां थे जब गोली चल रही थी। ...हाथ जोड़ कर विनती है कि यहां कोई हमदर्दी की जरूरत नहीं। छावनी मोहल्ला में रविवार सुबह पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को लोगों का कुछ इस अंदाज में विरोध झेलना पड़ा।
मंत्री ने कई घरों में घुसने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उनके मुंह पर ही दरवाजे बंद कर दिए। मंत्री बातचीत करने का प्रयास करते रहे, लेकिन छावनी के बाशिंदे उनकी सुनने को तैयार नहीं हुए और हाथ जोड़ कर कहते रहे कि गो बैक। उधर हिसार पहुंचे वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को भी विरोध झेलना पड़ा। लोगों ने उनसे इस्तीफा तक मांग लिया।
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ सुबह 9 बजे के करीब उपद्रव प्रभावित छावनी मोहल्ले में पहुंचे। सुरक्षा कड़ी थी, डीसी अनीता यादव, एसडीएम पंकज सेतिया और डीएसपी राजीव व धीरज भी साथ थे। धनखड़ लाव लश्कर के साथ सीधे हिंसा का शिकार कृष्ण सैनी के घर पहुंचे। यहां कुछ लोग खड़े थे।
मंत्री को देखते ही घर के अंदर चले गए। लोहे का गेट बंद करने लगे, मंत्री ने अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन जा नहीं पाए। बात करने का प्रयास किया, किसी ने नहीं सुनी। इसी बीच पड़ोस के घर से एक महिला आई और खरी खरी सुनाने लगी। धनखड़ उनके आगे हाथ जोड़ कर खड़े हो गए। कहा कि वो मदद करने आए हैं, तो लोगों ने कहा कि बस कह दिया कि मदद नहीं चाहिए, आप जाओ यहां से। हम बहुत खुश हैं। उस दिन कहां थे जब गोली चल रही थी।
..हमदर्दी की जरूरत नहीं
मंत्री धनखड़ मृतक श्याम लाल के घर पहुंचे। यहां भी उनके सामने दरवाजा बंद कर दिया गया। हाथ जोड़ कर खड़े हुए व्यक्ति ने कहा कि यहां कोई हमदर्दी की जरूरत नहीं है। हमारे पीछे कोई नहीं था। धनखड़ बात करने का प्रयास करते रहे, लेकिन सुनने को कोई तैयार नहीं था। हालांकि धनखड़ बाद में दिल्ली गेट व कुछ अन्य स्थानों पर गए, वहां हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया।
कांग्रेस ने लगाई है प्रदेश में आग
कृषि मंत्री धनखड़ ने कहा कि लोगों का विरोध जायज है, लेकिन अभी एक दूसरे के प्रति विश्वास पैदा करने की जरूरत है। राजनीति बहुत छोटी चीज है जबकि समाज का स्थान राजनीति से बड़ा है। पीड़ितों को न्याय मिलेगा। कांग्रेस के बडे़ नेता इसमे शामिल हैं। मैं सीधे तौर पर कहता हूं कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने आग लगाई है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जंतर मंतर पर केवल ड्रामा किया था।
छावनी का रोष, एक तरफ ताली, दूसरी तरफ विरोध
21 फरवरी को हुए उपद्रव में छावनी मोहल्ला अभी झुलस रहा है। पिछले पांच दिनों में यहां भाजपा के कई मंत्री, विधायक व नेता लोगों को मरहम लगाने आ चुके हैं। मोहल्ले में गैर जाट नेताओं का तो स्वागत हो रहा है वहीं जाट नेताओं का पुरजोर विरोध। पिछले पांच दिनों में जिले में आने वाले मंत्रियों में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, मंत्री नायब सैनी, कर्ण देव कंबोज प्रमुख रहे हैं। लोगों ने सभा की और उनकी बात सुनी।
जो बातें अपने पक्ष में गई, उन पर ताली भी बजाई। वहीं रविवार को कृषि मंत्री ओपी धनखड़ छावनी में पहुंचे तो जबरदस्त विरोध हुआ। लोगों की नाराजगी देख यह साफ हो गया कि छावनी में जातीय हिंसा के बाद निवासियों में जाट नेता के प्रति कैसा रवैया है। हर मोहल्लेवासी की जुबां पर एक ही सवाल था कि उस दिन कहां थे। हालात यह साफ जता रहे हैं कि छावनी में जातीय हिंसा के बाद हालात अभी सामान्य नहीं है। इतना ही नहीं लोग जाट नेत्री के आवास पर हुई तोड़फोड़ के बाद नुकसान के सर्वे का विरोध भी कर चुके हैं।
लोगों के सामने बेबस दिखे मंत्री धनखड़
रविवार को छावनी मोहल्लों में पहुंचे कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का लोगों ने इस कदर विरोध किया जिसकी उम्मीद धनखड़ को खुद नहीं रही होगी। मंत्री जी दरवाजे के दूसरी तरफ खड़े लोगों से बात करने का प्रयास करते रहे और लोगों ने दरवाजा तक नहीं खोला।
उल्टा घरवाले दरवाजे को बंद करके उन्हें घर के बाहर से जाने की बात कह रहे हैं। ये नजारा था रविवार को झज्जर के छावनी मोहल्ले का। जाट आंदोलन की हिंसा के दौरान छावनी मोहल्ले में उपद्रवियों ने घर में घुसकर लोगों से न केवल जमकर मारपीट की थी, बल्कि चार लोग इस घटना में मौत का शिकार हो गए थे। दुकानों व घरों में आगजनी की गई थी। रविवार को जब कैबिनेट मंत्री ओपी धनखड़ सातवें दिन यहां पीड़ितों से मिलने पहुंचे तो पीड़ितों ने उनका न केवल जमकर विरोध किया।
समर्थकों ने कैमरा छीनने का किया प्रयास
छावनी में जब मंत्री धनखड़ का विरोध किया जा रहा था उस समय ये सारी तस्वीरें कैमरे में कैद हो रही थी। उसी दौरान कृषि मंत्री के समर्थकों ने मीडियाकर्मी से कैमरा बंद करने की बात कही। जब मीडियाकर्मी ने ये कहा कि वो अपना काम कर रहे हैं। इसके बाद जब मीडियाकर्मी लगातार रिकॉर्डिंग करता रहा तो कुछ समर्थकों ने कैमरामैन का कैमरा छिनने का भी प्रयास किया।