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लोग बोले-एसपी को बदलो, सीपीएस ने कहा सब कुछ सार्वजनिक नहीं, इंतजार करो

Fri, 26 Feb 2016 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर
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उपद्रव के 6वें दिन सीपीएस एवं हिसार के विधायक डॉ. कमल गुप्ता और मंत्री कविता जैन के पति एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन वीरवार को झज्जर आकर पीड़ितों से मिले। उन्होंने छावनी मोहल्ला में हालातों का जाया लिया, लोगों का हाल जाना व उनसे लंबी बातचीत की।
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बातचीत में लोगों का गुस्सा पुलिस पर फूटा। बोले कि एसपी को बदल दो, वो ही म्हारे गुनाहगार हैं। दोनों नेता बोले कि चिंता मत करो, चाहे कितना ही बड़ा अधिकारी हो, उपद्रव में भूमिका संदिग्ध मिली तो दंड जरूर मिलेगा। ये सब सार्वजनिक तौर पर कहने को नहीं, बस इंतजार करें। इससे पहले छावनी मोहल्ले में लोगों ने हिंसा को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने लोगों को न्याय का आश्वासन दिया और कहा कि पूरी सरकार उनके दुख दर्द में साथ है। छानबीन चल रही है। अब प्रदेश के लोग सुरक्षित हैं।



सरकार ऐसा इंतजाम कर रही हे कि दोबारा से दंगे न भड़कें। दोषियों की पहचान भी हो रही है। बाद में दोनों नेताओं ने पंजाबी धर्मशाला में भी व्यापारियों व आमजन की बैठक को संबोधित किया। यहां भी लोगों का गुस्सा उपद्रव के लिए प्रशासन पर फूटा। कहा गया कि उपद्रवियों को खुला छोड़ दिया गया, जिसका दंड वे आज भुगत रहे हैं।
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दिल्ली गेट वालों का कसूर नहीं, बोले तो हुआ हंगामा
उपद्रव के बाद वीरवार को पहली बार शिव मंदिर में एकत्रित हुए 35 बिरादरी के लोगों की पंचायत में कांग्रेस पर कड़ा प्रहार हुआ। नगर पालिका के निवर्तमान चेयरमैन ईश्वर सिंह ने पंचायत में कहा कि उपद्रव में दिल्ली गेट वालों का कोई कसूर नहीं। इस पर हो हल्ला शुरू हो गया। इस पर ईश्वर ने भाईयों के साथ होने का भरोसा दिलाया और उपद्रव में प्रो. वीरेंद्र की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया। इनके साथ ही कांग्रेस के 10-12 अन्य प्रमुख नेताओं ने भी कांग्रेस को अलविदा कहा।



इनमें पूर्व शहरी प्रधान राकेश अरोड़ा भी शामिल हैं। पंचायत का आयोजन उपद्रव के पीड़ित परिवारों की सहायता को लेकर किया गया था। कांग्रेस पार्टी के शहरी प्रधान रहे राकेश अरोड़ा ने कहा कि जिस  तरह से आरक्षण को लेकर फैली हिंसा में व्यापारियों की दुकानों को आग  के हवाले कर दिया। उनको काफी नुकसान हुआ है और इस हिंसा को आगे बढ़ाने  के लिए कांग्रेस का हाथ होने की बूू आने के बाद पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया गया है। कांग्रेस के  प्रोफेसर वीरेन्द्र व अन्य लोगों  ने अपने सियासी फायदे के लिए प्रदेश में  अराजकता फैलाने में आग में घी डालने का काम किया है।

इन्होंने छोड़ी कांग्रेस
कांग्रेस शहरी प्रधान राकेश अरोड़ा, नपा के पूर्व प्रधान ईश्वर शर्मा, ऑब्जर्वर प्रेम प्रकाश पोपली, वरिष्ठ नेता रामसिंह कुच्छल, पूर्व पार्षद धर्मपाल प्रजापति, शहरी उपाध्यक्ष हरि सैनी, जग्गी चोपड़ा व कई अन्य साथी शामिल हैं।

पूरा शहर पीड़ित परिवार के साथ
शिव मंदिर में हुई पंचायत में छावनी मोहल्ला के पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया गया कि पूरा शहर उनके साथ है। मांग की गई कि छावनी के मृतकों कृष्ण सैनी व श्याम सिंह सैनी को शहीद का दर्जा दिया जाए। परिजनों को सरकारी नौकरी व एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए।




व्यापारियों ने मुआवजे के साथ मांगी नौकरी
उपद्रव में व्यापारियों को हुए नुकसान की भरपाई तो सरकार करे ही साथ में पीड़ित व्यापारी परिवार में सरकारी नौकरी भी दी जाए। ऑल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बालकिशन अग्रवाल ने वीरवार को व्यापारियों का दर्द जाना ओर उनके लिए यह मांग उठाई। उन्होंने कहा कि आरक्षण की आड़ में जिस प्रकार से व्यापार को बर्बाद किया गया है उसे सहन नहीं किया जाएगा। व्यापारियों को मुआवजा देने के लिए सरकार दिनों की बात न करके घंटों में कार्रवाई करे। जिस प्रकार से व्यापारी वर्ग को निशाना बनाया गया, उससे व्यापारी भयभीत है। आगजनी व लूटपाट का शिकार हुए व्यापारियों को मुआवजे के साथ नौकरी भी दी जाए।



फौरी तौर पर कारोबार चलाने के लिए 5 साल तक बिना ब्याज लोन दिया जाए। आगजनी के बाद बर्बाद हुए मटीरियल का भुगतान तुरंत किया जाए। अग्रवाल ने कहा कि अगर सरकार मुआवजा वितरण में देरी करती है तो व्यापारी वर्ग के सब्र का बांध टूट जाएगा। जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि कि ऑल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद श्याम बिहारी मिश्रा हरियाणा में हुई सभी घटनाओं पर पैनी नजर रखे है। मंडल व्यापारी वर्ग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। इस मौके पर व्यापार मंडल के वरिष्ठ नेता रामसिंह कुच्छल, राकेश अरोड़ा, प्रेम पोपली, संदीप सैनी, एसके महाजन भी मौजूद रहे।
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