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घूंघट और बोगस के कारण हम हारे

Tue, 19 Jan 2016 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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पंचायत चुनाव का दूसरा चरण खत्म होने के बाद कुछ गांवों के हारे हुए प्रत्याशियों ने डीसी आफिस के सामने वोट में धांधली का आरोप लगाते हुए रोष जताया। नाखुश उम्मीदवारों ने चुनाव रद्द कर दोबारा मतदान करने की मांग की है। बता दें कि विवाद उन गांवों में ज्यादा है, जहां जीत और हार का अंतर बहुत कम रहा। चुनाव संपन्न होने के कुछ घंटे बाद ही रात में ढ़ाणी साल्हावास की पंचायत डीसी आफिस के सामने रात से ही डट गई थी।



 तो अगले दिन सोमवार को सुंदरहेटी के ग्रामीणों ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाते हुए दोबारा मतदान कराने की मांग की। अब प्रत्याशियों के रोष और शिकायत से प्रशासन भी पेशोपेश में है। डीसी ने उम्मीदवारों और समर्थकों की ओर से की गई शिकायतों की जांच कराने की बात कही है।
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साल्हावास-हारजीत का अंतर 10 वोट, तीन बार बदले विजेता, अब विवाद

झज्जर। गांव साल्हावास में रविवार को हुए मतदान में सुरेश देवी 838 वोट लेकर सरपंच बनी। रजनी उनसे मात्र 10 वोटों से चुनाव हार गई। रात बीती तो विवाद भी बढ़ गया। सोमवार को रजनी व चुनाव हारे अन्य उम्मीदवार सैकड़ों ग्रामीणों को लेकर प्रशासन के दरवाजे पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में तो मृतक व सेना में ड्यूटी दे रहे सैनिकों की वोटें भी डाल दी गई है। जमकर धांधली हुई है चुनाव रद्द कर दोबारा कराया जाए। लघु सचिवालय पहुंची गांव साल्हावास की महिलाओं का आरोप है कि गांव के प्रभावशाली उम्मीदवार ने उन्हें वोट नही डालने दिए। उन्हें धक्के देकर बूथ से बाहर निकाल दिया गया। इतना ही नहीं गाली-गलौच तक किया गया।



 महिलाओं के साथ गांव के युवाओं का भी आरोप था कि गांव में जिन लोगों की मौत हुए सालभर हो चुका है। उन लोगों के भी बोगस वोट प्रभावशाली उम्मीदवार द्वारा डलवाए गए। चुनाव में 10 वोटों से हारी रजनी देवी का कहना है कि चुनाव के दौरान चुनाव अधिकारियों द्वारा तीन बार मतों की गिनती करवाई गई। पहली गिनती में सुदेश देवी को विजेता कर दिया गया। इसके बाद फिर से गिनती की गई जिसमें दूसरे नंबर पर रहने वाली रजनी देवी को विजेता दिखा दिया गया। इतना ही नहीं तीसरी बार चुनाव कर्मचारियों द्वारा फिर से मतों की गिनती की गई। जिसमें फिर से सुदेश देवी को विजेता बना दिया गया।

इन वोटों पर जीते सरपंच को घेरने का प्रयास
पूर्व सरपंच तकदीर सिंह, चुनाव हारी रजनी व अन्य ग्रामीणों ने जिला पंचायत अधिकारी को दी शिकायत के साथ उन लोगों की सूची भी सौंपी गई, जोकि मतदान के लिए मौजूद नहीं थे, इनमें कुछ फौजी हैं तो कुछ ऐसे जिनकी मौत का दावा है। फौजी सुखबीर, उसकी पत्नी पिंकी, संदीप फौजी व उसकी पत्नी पूजा, रणसिंह फौजी व उसकी पत्नी प्रमिला, युद्धवीर फौजी, सतबीर, रूचिका हॉस्टल स्टूडेंट, प्रमिल डाक्टर दिल्ली, पुष्कर मृतक, भूपसिंह मृतक, कंवर सिंह चंडीगढ़ निवासी, रामकुवार मृतक, खजानी मृतक, राकेश मृतक, मुकेश मृतक, करतार मृतक, सोनू फौजी, प्रदीप फौजी, संदीप फौजी, रिसाल मृतक, रामकिशन मृतक, बलजीत फौजी, सुनील फौजी, जयदीप फौजी, प्रदीप सैनिक, धर्मेंद्र फौजी, रोहित फौजी, नरेन्द्र, योगेश फौजी, सुनील शर्मा हरियाणा पुलिस, दीपक शर्मा फौजी, जय भगवान फौजी, सुरेन्द्र फौजी आदि के वोट भी डलवाए गए। जबकि इनमें से कोई भी मतदान के दिन मौजूद नहीं था।


सुंदरहेटी-फर्क केवल 17 वोटों का, घुंघट की आड़ में हुआ खेल

झज्जर। गांव सुंरदहेटी में सुनीता पत्नी सुरेश 846 वोट लेकर 17 वोटों से चुनाव जीत कर सरपंच बनी है। दूसरा स्थान सुखी राम को मिला। हार को पचा न पाए सुखी राम सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों को साथ लेकर लघु सचिवालय पहुंचा। डीसी नहीं मिली तो एसपी को ही शिकायत दे दी। उन्होंने आरोप लगाए कि वोटिंग में अत्याधिक धांधली हुई है।
सुखी राम, अतर सिंह, रमेश कुमार, कैलाश, नवीन, वजीर सिंह, सुरेंद्र, अशेेक आदि ने कहा कि कुछ लोगों ने गांव की लड़कियों को अपने घर की बहु बनाकर घूंघट की आड़ में वोट डलवा दी। उन नौकरी पेशा लोगों की वोट भी डाल दी गई, जो कि गांव में नहीं थे। इसको लेकर उन्होंने विरोध किया, मौके पर झगड़ा भी हुआ, लेकिन प्रशासन ने उनकी आवाज को दबा दिया। मामले की पूरी जांच करके चुनाव को रद्द करके दोबारा कराया जाए।


बोले -डीडीपीओ
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल सिंह का कहना है कि उन्हे शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी और नियम अनुसार जो भी कार्रवाई बनती है उसके अनुसार कार्रवाई भी की जाएगी। मामले को डीसी के संज्ञान में लाया गया है। वहां से भी उचित कार्रवाइ्र के नुिष्ऱश मिले हैं।
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आयोग ने बदल दिया सरपंच
चुनाव आयोग ने वेबसाइट पर चुने गए सरपंचों की जो लिस्ट डाली, उसमें साल्हावास ब्लॉक के गांव बाबेपुर में सरपंच का नाम बदल दिया। सरपंचों की लिस्ट में बताया गया कि गांव में विनोद कुमार विजयी हुए हैं। असल में गांव में सरपंच दिनेश पुत्र राममेहर बने हैं। उन्होंने विनोद को 172 वोटों से हराया है। दिनेश को जहां 692 वोट मिली, वहीं विनोद को 520 वोट मिली हैं।


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