बहादुरगढ़। शहर की सड़कों पर सांड़ों के जमावड़े के बाद अब इनकी भिड़ंत कॉलोनियों में पहुंच भी गई। शनिवार को देव नगर कॉलोनी की गली नंबर 6 में आधे घंटे तक दो सांड़ आपस में लड़ते रहे। इसके चलते कॉलोनी के सभी लोग अपने घरों में ही कैद होने पर मजबूर हो गए। दोनों के बीच काफी देर तक लड़ाई चलती रही।
देव नगर कॉलोनी की गली नंबर 6 के निवासी सूबेदार नफे सिंह, बलवान सिंह, राहुल, सचिन और मुकेश ने बताया कि उनकी कॉलोनी में दोपहर के समय दो सांड़ आपस में लड़ते-लड़ते पहुंच गए। लड़ाई के दौरान एक बार तो किसी ने भी उन्हें छुड़ाने की जहमत नहीं उठाई, लेकिन जब उन्हें काफी देर हो गई तो कॉलोनी वासियों ने हिम्मत दिखाते हुए उन्हें छुड़ाया और दोनों को भगाया।
पानी डालकर और डंडे मारकर भगाए सांड़
देव नगर कॉलोनी में लड़ते-लड़ते दोनों सांड़ किसी आमजन को चोट न पहुंचा दे, या फिर गलियों में खड़े वाहनों का कोई नुकसान न कर दें। इसके चलते उन्हें लोगों ने पहले तो उन पर काफी देर तक पानी डाला। इससे भी जब दोनों सांड़ लड़ने से नहीं हटे तो उन पर लाठी-डंडों से दोनों को अलग कर उन्हें वहां से भगाया गया। लोगों का कहना है कि कॉलोनियों में सांड़ों के लड़ने से हर समय बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है।
आधे घंटे तक घरों में कैद रहे लोग
कॉलोनी में लड़ते-लड़ते जब दोनों सांड़ों को आधा घंटा हो गया तो लोगों ने उन्हें छुड़वाया। जब तक सांड लड़ रहे थे उस दौरान कॉलोनी के लोग अपने घरों में ही कैद होने पर मजबूर हो गए। गौरतलब है कि पिछले दिनों एक महिला व एक अन्य व्यक्ति इनकी लड़ाई की चपेट में आ गया था और दोनों की मौत हो गई थी। इससे शहरवासी घबराए हुए हैं।
न्यायालय में भी किया गया है केस
शहरवासियों द्वारा नगर परिषद, प्रशासन से इन लावारिस पशुओं से निजात दिलाने की मांग की जा चुकी है। लेकिन नगर परिषद या संबंधित कोई अधिकारी इस ओर विशेष ध्यान नहीं दे रहे हैं। पिछले दिनों सेक्टर-6 निवासी महिपाल गुलिया और जटवाड़ा मोहल्ला निवासी योगेंद्र ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। फिलहाल नगर परिषद ने कोर्ट से कुछ समय मांगा है। अभी कोर्ट की ओर से 6 अक्टूबर की तिथि दी गई है।