झज्जर। दी रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने वीरवार को लघु सचिवालय में अपनी वेतन वृद्धि को लेकर व अन्य 12 मांगों को लेकर दो दिन की हड़ताल पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान पटवारियों ने साफ तौर पर कहा कि उनका वेतन 25 हजार 500 रुपये से बढ़ाकर उनका वेतन 32 हजार 200 रुपये करने की अधिसूचना 24 जनवरी 2023 को जारी हो चुकी है, लेकिन अधिसूचना का लाभ किसी को भी कर्मचारी को आज तक नहीं मिला है। इसे जल्द लागू करने के लिए कर लघु सचिवालय परिसर में धरना प्रदर्शन दिया जा रहा है। इस दौरान दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान मनीष यादव ने बताया कि पटवार घर झज्जर में पूर्ण स्टाफ की सेवापंजी और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट लागू करने का सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया, लेकिन यह कार्य भी आज तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि पटवारियों की फाइल चंडीगढ़ की फाइलों में धूल फांक रही है जिसके निदान करने के लिए दो दिवसीय धरना प्रदर्शन पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने से संजीत, कमल, अजय पटवारी निलंबित है जिसकी जांच लंबित है और जांच करने से उन्हें बहाल करने की मांग भी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रखी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी द्वारा प्राइवेट अधिवक्ता से जवाब दायर करने के लिए पांच हजार रुपये से 10 हजार रुपये देने पड़ते हैं। कहा कि विभागीय स्तर पर ही जवाब, दावे कार्यालय से भेजा जाएं। उन्होंने बताया कि अशोक, कर्मबीर, राजा, पूनम, सुरेंद्र पटवारी के मेडिकल बिल उपमंडल अधिकारी कार्यालय झज्जर व बहादुरगढ़ कार्यालय में लंबित हैं उनका जल्द से जल्द से भुगतान किया जाए। कहा कि भूपेंद्र, विजेद्र, नरेंद्र, हरीश, अनिल कुमार, अशोक, इंद्र लाल पटवारियों को एसीपी लंबित है काफी दिन बीतने के बावजूद भी नहीं मिली है। इसके अलावा क्षेत्रीय कानूनगो को सेवादार उपलब्ध करवाने के बारे में भी सरकार ने आश्वासन दिया था, जो अभी तक नहीं किया गया है। लघु सचिवालय में उन्होंने अपनी मांग रखते हुए बताया कि पटवारी एवं कानूनगो को सेवादार उपलब्ध करवाने की काफी पुरानी मांग है, लेकिन इसे नहीं माना गया है जिसके चलते पटवारियों में रोष व्याप्त है। इस अवसर पर वीरेंद्र यादव, जोगेंद्र गुलिया, डॉ. प्रवीन, दिनेश कुमार, राजबीर गुलिया, बबीता, रेणू, पूनम, पुष्पा देवी, जयप्रकाश, सुभाष राठी, यज्ञदत शर्मा आदि मौजूद रहे।