बहादुरगढ़। वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय में विश्व हिंदी दिवस पर स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन हिंदी भाषा के महत्व को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से किया गया। इसमें पारुल व योगिता ने पहला स्थान पाया।
प्रतियोगिता के माध्यम से संदेश दिया गया कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीयों की सांस्कृतिक पहचान और एकता का सशक्त आधार है। यह दिवस प्रतिवर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है।
वर्ष 2026 के लिए विश्व हिंदी दिवस की थीम हिंदी पारंपरिक ज्ञान से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य यह दर्शाना है कि हिंदी न केवल एक समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक भाषा है।
स्लोगन लेखन में अंजलि, प्रिया, मेघा, पारुल, योगिता, प्रिया दलई, नेहा, शिवानी, खुशबू कुमारी, मीरा कुमारी, नम्रता गौड़ ने सहभागिता की। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पारुल व योगिता, द्वितीय स्थान नेहा व मेघा, तृतीय स्थान शिवानी व मेघा ने पाया।
सांत्वना पुरस्कार प्रिया दलई, खुशबू कुमारी व नम्रता गौड़ को प्रदान किया गया। सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भाषा क्लब एवं वाईआरसी इकाई द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।