बहादुरगढ़। पंचकूला में हुई मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शहर के परमानंद मलिक और उनके शिष्य दीपक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण समेत कुल पांच पदक जीते। उनकी जीत पर परिजनों और खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है। जीतकर लौटने पर खेल प्रेमियों द्वारा उनका अभिनंदन किया गया। इन दो पदकों के साथ मलिक के पदकों की संख्या 284 पर पहुंच गई है।
पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में 32वीं नेशनल मास्टर एथेलिटक्स चैंपियनशिप का आयोजन हुआ था। चैंपियनशिप में 200 से अधिक मास्टर खिलाड़ियों ने भाग लिया। यहां के निवासी परमानंद मलिक ने भी जोर आजमाइश की। हालांकि उन्हें चोट लग गई थी, लेकिन फिर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने रजत और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। इससे पहले अक्टूबर में गुरुग्राम में हुई चैंपियनशिप के दौरान हैमर थ्रो में रजत तो ज्वेलिन में स्वर्ण पदक जीता था। मलिक दिल्ली पुलिस से रिटायर्ड हैं। कई दशकों से खेलों में भाग ले रहे हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। अब तक कुल 284 पदक जीते हैं। मलिक का कहना है कि खेलों से शरीर स्वस्थ रहता है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। जब तक उनका शरीर साथ दे रहा है, वे खेलते रहेंगे। फिलहाल अगला लक्ष्य पदकों का तिहरा शतक लगाना है। मलिक के शिष्य दीपक कुमार निवासी दादरी तोए ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दीपक ने स्टेट लेवल की इस प्रतियोगिता में ज्वेलियन में स्वर्ण, लंबी कूद में स्वर्ण और डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। मलिक का कहना है कि दीपक बेहद होनहार खिलाड़ी है। जीत के साथ ही उसने नेशनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। नेशनल चैंपियनशिप अगले साल हैदराबाद में होगी।
दीपक।