फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांव बालौर में प्रस्तावित अनाज मंडी के लिए अधिग्रहण के खिलाफ गांव में हुई पंचायत

Tue, 20 Oct 2015 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव बालौर के निकट अनाज मंडी निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों के विरोध के स्वर तेज हो चले हैं। सोमवार को गांव में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों की पंचायत हुई।
विज्ञापन


पंचायत ने किसानों की सहमति के बिना जमीन अधिग्रहण करने पर संघर्ष की चेतावनी दी और कहा कि सरकार ने एक महीने में अपना फैसला नहीं बदला तो संघर्ष किया जाएगा।

गौरतलब है कि नई अनाज मंडी के लिए गांव बालौर की 56 एकड़ जमीन चिह्नित की गई और इसको लेकर प्रक्रिया भी शुरू हो गई। गांव में जमीन अधिग्रहण को लेकर शुरू से ही विरोध के स्वर उठते रहे हैं। सोमवार को गांव में भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष लाभ सिंह की अगुवाई में पंचायत हुई।
विज्ञापन


पंचायत ने इस जमीन अधिग्रहण को गैर जरूरी व किसानों के साथ अन्याय बताया और इसे बर्दाश्त ना करने की चेतावनी दी। पंचायत के बाद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी भेजा। यह ज्ञापन खुद तहसीलदार मातूराम ने पंचायत में आकर ग्रहण किया।

पंचायत में भाकियू के प्रदेश महासचिव धर्मवीर मुंडाखेड़ा और रामेहर, जिले सिंह, राज कुमार, नरेश, रामप्रसाद, हरिप्रकाश, अरुण, सतबीर, तेजराम, ईश्वर व रणधीर आदि किसान भी शामिल रहे।

लाल डोरा बढ़ाने की मांग
पंचायत में गांवों का लाल डोरा बढ़ाने की मांग उठी। वक्ताओं ने कहा कि आजादी के बाद 60 वर्ष पहले गांव की आबादी का लाल डोरा तय किया गया था, मगर उसके बाद आज आबादी काफी बढ़ चुकी है और समय के अनुसार नए सिरे से लाल डोरा तय किया जाना बेहद जरूरी है।

वक्ताओं ने कहा कि बालौर गांव की अधिकतर जमीन अधिग्रहीत हो चुकी है। अब जो थोड़ी सी जमीन बची है अगर वह भी चली गई तो इन परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।

जिद पर क्यों अड़ी सरकार
पंचायत में ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अनाज मंडी बनाने के लिए गांव बराही की पंचायत जमीन देने के लिए तैयार है और इस बारे में पंचायत ने सरकार को एक प्रस्ताव भी भेजा हुआ है, तो बालौर के किसानों को भूमिहीन करने की कोशिश क्यों हो रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें